Hot Girl Xxx Kahani - शादी नहीं की, चुदती रोज़ हूँ - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani Hot Girl Xxx Kahani - शादी नहीं की, चुदती रोज़ हूँ - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani

Hot Girl Xxx Kahani – शादी नहीं की, चुदती रोज़ हूँ

हॉट गर्ल Xxx कहानी मेरी सहेलियों और मेरी चुदाई की है. हम सबो रोज रोज नए नए लंड चाहिए होते हैं. हम आपस में लंड बदल कर मजा करती हैं.

जब सुलेखा अपनी पुरानी सहेली रेहाना से मिली तो बोली- वॉओ रेहाना तू? तू भोसड़ी की इतने दिनों से कहाँ थी? कहाँ माँ चुदा रही थी तू अपनी?
रेहाना बोली- तू बता चूत चोदी सुलेखा? तू कहाँ थी? तू तो पहले यहाँ आयी थी। कहाँ गांड मरा रही थी तू अपनी इतने दिनों से?

सुलेखा ने कहा- नहीं यार, बहुत दिनों तक यहाँ कोई गांड मारने वाला भी नहीं था। कोई लण्ड ही नहीं मिला था।
रेहाना बोली- हाय दईया, तो कोई लौड़ा नहीं मिला तुम्हें अभी तक?
सुलेखा बोली- यार, अब तो बहुत सारे हैं लण्ड! शुरू शुरू में तो एक भी नहीं था।

रेहाना बोली- अच्छा चल तू मेरे घर चल … वहीं बैठ कर बातें करेंगी।

सुलेखा और रेहाना दो मस्त जवान लड़कियां बैठी हुई आपस में बातें करने लगीं।
दोनों के हाथ में एक एक शराब का गिलास था और दूसरे हाथ में सिगरेट।

रेहाना सिगरेट का धुआं निकालती हुई बोली- अरे यार सुलेखा, क्या मस्त ज़िन्दगी है मेरी? शादी की नहीं अब तक … और चुदती रोज़ हूँ। लण्ड का मज़ा रोज़ लेती हूँ। वह भी एक ही लण्ड का नहीं बल्कि अलग अलग लण्ड का!

सुलेखा ने जवाब दिया- हां यार, तू सच कह रही है। मैंने भी शादी नहीं की और चुद रही हूँ हर रोज़! कभी कोई न कोई आता है और चोद कर चला जाता है। कभी मैं किसी के घर या ऑफिस में चली जाती हूँ और चुद कर आ जाती हूँ। जब कोई नहीं आता तो फोन बुला लेती हूँ फिर उससे खूब जम कर घर में ही चुदवाती हूँ। बड़ी मस्त ज़िन्दगी गुज़र रही है अपनी यार। बाकी मुझे दुनिया से क्या लेना देना।

रेहाना ने कहा- जब मैं यहाँ इस शहर में आयी थी पास एक भी लण्ड नहीं था। मैं एक लण्ड के लिए तड़पती थी। बिस्तर पर पड़ी हुई करवटें बदलती थी। रात नहीं कटती थी। चूत बिचारी सूखी पड़ी रहती थी। चूचियाँ दबाने वाला भी कोई नहीं था। गांड पर हाथ फिराने वाला भी कोई नहीं मिलता था। लेकिन आज मेरे पास कम से कम एक दर्जन लण्ड हैं। एक से एक बेहतर लण्ड, एक से एक मोटे तगड़े लण्ड मेरी सेवा में मेरे आगे पीछे लगे रहते हैं। मेरी चूत हमेशा गीली रहती है और मेरी गांड पर हाथ फेरने वालों की लाइन लगी रहती है। वक्त बदल गया।

सुलेखा अपनी आपबीती बताने लगी:

हां वक्त मेरा भी बदल गया। मैं जब यहाँ आयी थी तो मेरे पास लण्ड क्या बन्दर की नूनी भी नहीं थी।
मुझे जो किराये का घर मिला उसका मालिक भी एक बुड्ढा था। उसके बस का कुछ था भी नहीं.

मैं बहुत परेशान थी व्याकुल थी लण्ड के लिए। कई महीने हो गए थे चुदवाये हुए। मेरे दिमाग में लण्ड था पर हाथ में नहीं।

एक दिन मैंने मकान मालिक का लौड़ा देख लिया।
हुआ यह कि मैं जब उसके घर गयी तो वह नहा रहा था। मैंने धोखे से उसका दरवाजा खोल दिया।
वह अंदर से बंद नहीं था। वह नंगे नंगे नहा रहा था। उसका लौड़ा मुझे दिख गया। लौड़ा साला मोटा था गोरा था टोपा 3″ का बाहर निकला था।

मैंने सोचा कि जब ये खड़ा होगा तो कितना बड़ा होगा? बस इसी से मेरी चूत धधक उठी।

मेरा उसका लौड़ा पकड़ कर देखने का मूड हो गया। कोई लण्ड न होने से बेहतर है यही लण्ड मिल जाए तो अच्छा है.

मैं फिर घुस गयी अंदर और कहा- अंकल मैं तुम्हारी पीठ में साबुन लगा दूँ?
वह बोला- हां बिटिया लगा दो।
उसने अपनी चड्डी पहन ली।

मैं साबुन लगाने लगी। पीठ रगड़ते रगड़ते मैंने उसकी गांड तक हाथ घुसेड़ दिया। चड्डी थोड़ी नीचे खसक गयी।
मैंने कहा- अंकल चड्डी उतार दो। ये बहुत गन्दी है।
वह बोला- अरे बिटिया, मैं नंगा हो जाऊंगा।
मैंने कहा तो क्या हुआ? तुम्हारी इतनी उम्र है। नंगे होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

और मैंने उसका जवाब सुनने के पहले ही चड्डी उतार कर फेंक दी।
वह नंगा हो गया।

मैं बिंदास उसके लण्ड पर साबुन लगाने लगी। लण्ड बहनचोद खड़ा होने लगा। थोड़ी देर में लौड़ा एकदम से खड़ा हो गया।

वह बोला- अरे सुलेखा मैंने कहा था न? रहने दो। अब देखो क्या हो रहा है? अब मैं क्या करूंगा?
मैंने भी बेधड़क कह दिया- वही करना जो एक मर्द करता है। जब लण्ड खड़ा होता है तो वही करेगा जो लण्ड कर सकता है।

वह मेरे मुंह से लण्ड सुनकर और जोश में आ गया। फिर उसने मुझे चिपका लिया और मेरी चूचियाँ मसलने लगा।

मेरा मुंह खुला और मैं उसका लौड़ा बाथरूम में ही चूसने लगी।
मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि इतने बुड्ढे आदमी का इतना मोटा और सख्त लौड़ा होगा.

फिर उसने मुझे खूब जम कर चोदा। मुझे उसके लण्ड की जरूरत थी; उसकी उम्र से मुझे क्या लेना देना?
उसने बड़े बड़े लण्ड वाले दो लड़कों के नाम बताये।

मैंने दूसरे दिन एक एक करके दोनों को बुलाया और खूब अच्छी तरह से चुदवाया।

आज हमारे पास भी कई लण्ड हैं और मेरी भी जिंदगी में बहार है।

सुलेखा बोली- यार, कोई काला लौड़ा मिले तो मज़ा आ जाये। मैंने अभी तक कोई काला लौड़ा नहीं देखा.
रेहाना बोली- हां, मेरे संपर्क में दो काले लण्ड हैं। पर मैं कोई बड़ी उम्र वाला बढ़िया और मोटा लण्ड चाहती हूँ जो देर तक चोदने वाला हो!
सुलेखा बोली- मैं दूँगी तुझे ऐसा बड़ी उम्र वाला बढ़िया और मोटा लण्ड! तुम कल ही ले लो।

रेहाना ने कहा- तो फिर चलो कल हो जाये चुदाई।
सुलेखा बोली- कल तुम मेरे घर आ जाना अपने काले लण्ड लेकर! मैं तेरे लिए बड़े उम्र वाला लण्ड बुला लूंगी। कल मैं तेरी चूत चोदूँगी। तू मेरी चूत चोदेगी।

मैं रेहाना हूँ दोस्तो. मैं 28 साल की हूँ गोरी चिट्टी और पढ़ी लिखी हूँ। मेरा कद 5′ 4″ का है मैं बड़ी बड़ी आँखों वाली और बड़ी बड़ी चूचियों वाली हूँ। मेरे बदन के पोर पोर में सेक्स भरा हुआ है।
मैं कम उम्र में लण्ड पकड़ने लगी थी। पहले एक साल तक लण्ड पकड़ती रही, लण्ड चूमती, चाटती और चूसती रही और फिर एक दिन बड़ी मस्ती में लण्ड अपनी चूत में पेलवा लिया और चुदवाने लगी।

पहली बार जब लण्ड घुसा था तो थोड़ा दर्द जरूर हुआ था लेकिन फिर जो मज़ा आया वह मज़ा मैं आज भी ले रही हूँ और आगे भी लेती रहूंगी।

मुझे लण्ड बहुत अच्छे लगते हैं। भगवान् ने लण्ड हर आदमी का अलग अलग बनाया है। किसी एक का लण्ड दूसरे लण्ड से हूबहू नहीं मिलता।

हर लण्ड का मज़ा अलग अलग होता है इसलिए मैंने लण्ड से प्यार किया है. लण्ड से मोहब्बत की है और लण्ड की माला जपती हूँ, लण्ड की इबादत करती हूँ।

मैंने अभी तक कई लण्ड पकड़े हैं और कई लण्ड से चुदवाया है। मैं लण्ड का वीर्य पीती हूँ जो मेरे लिए टॉनिक का काम करता है।
लण्ड पीने से ही मेरी चूचियाँ दुगुनी तिगुनी हो गयीं और मेरे चेहरे की चमक भी दूनी हो गयी।
मुझे लण्ड बड़ा फायदा करता है। मेरी निगाह में लण्ड से बढ़कर कोई चीज नहीं है।

सुलेखा चूत चोदी बिलकुल मेरी ही तरह है। उसे भी लण्ड बहुत पसंद है और लण्ड के बिना वह एक दिन भी नहीं रह सकती जैसे मैं नहीं रह सकती।

अगले दिन मैं अपने साथ दो लड़कों के लेकर आ गयी।
उनके नाम थे थामस और माइकल दोनों काले थे मगर बड़े हैंडसम और स्मार्ट थे। वे लगभग 28 / 29 साल के थे।

इधर सुलेखा ने भी खुराना अंकल को बुला लिया था जिसकी उम्र 55 साल की थी।

मैं जब अंकल से मिली तो बोली- हाय अंकल, तुम तो अब भी मस्त दिखते हो, हैंडसम हो और हॉट लगते हो। अपनी जवानी में तो तुमने खूब लड़कियां चोदी होंगी?
वह बोला- हां रेहाना, मैंने बहुत लड़कियां चोदीं हैं. लड़कियों की माँ चोदीं, अपने दोस्तों की बीवियां चोदीं, सबकी बहू बेटियां चोदीं और आज भी चोद रहा हूँ।
मैं बोली- तब तो तुम बहुत बड़े हरामजादे हो अंकल? तेरी बहन का भोसड़ा? मुझे तो ऐसा ही मरद चाहिए? आज मैं तेरा लण्ड चोदूंगी अंकल खुराना। बड़ा अनुभवी लण्ड है तेरा!

फिर हमने ड्रिंक्स चालू कर दी। हम पांचों लोग दारू पीने लगे।
दारू पीने के बाद चुदाई का मज़ा दूना हो जाता है इसलिए हम सब दारू जरूर पी लेतीं हैं।

सुलेखा ने कभी हाथ माइकल की जांघ पर रखा कभी थामस की जांघ पर।
वो धीरे धीरे उनके लण्ड की तरफ बढ़ने लगी।

मैं भी अंकल की तरफ उससे सट कर बैठ गयी और उसकी जांघ पर हाथ रख कर बातें करने लगी। मैं धीरे धीरे अपने कपड़े उतारने लगी और सुलेखा भी।

हम दोनों के बूब्स जब बाहर आये तो वो सब लोग आँखें फाड़ फाड़ कर देखने लगे; उनके लण्ड में उछाल आ गया।

सुलेखा थामस और माइकल की पैन्ट खोलने लगी और मैं अंकल की पैंट।

पहले सुलेखा ने थामस का लण्ड बाहर निकाला और कहा- वाओ क्या मस्त लौड़ा है तेरा बहन चोद? आज तो मज़ा आ जायेगा.
और फिर माइकल का भी लौड़ा बाहर निकाल लिया; उसे पकड़ कर हिलाया और कहा- बाप रे बाप … क्या मस्ताना लण्ड है तेरा यार। ये तो साला मम्मी का भोसड़ा चोदने वाला है। इतना बड़ा लण्ड आज मैं पहली बार देख रही हूँ।

तब तक मैं अंकल को भी नंगा कर चुकी थी।
उसका लौड़ा हाथ में लेकर बोली- हाय दईया … कितना बड़ा और मोटा लण्ड है तेरा अंकल? क्या खाता है तेरा लण्ड जो घोड़े के लण्ड की तरह हो गया है। ऐसा लण्ड साला जब चूत में चिपक कर घुसता है तो ज़न्नत का मज़ा आता है।

फिर हम दोनों ने अपने अपने लोअर भी खोल डाले। मेरी चूत गांड चूतड़ सब नंगे हो गए।
सुलेखा भी पूरी तरह नंगी हो गयी।

वो तीनों मरद भी मादरचोद नंगे हो गए।

अब महफ़िल में आने लगा मन चाहा मज़ा।

सुलेखा ने एक हाथ में थामस का लण्ड लिया और दूसरे में माइकल का लण्ड; दोनों लण्ड बारी बारी से चूसने लगी।
मैं अंकल लण्ड मुंह में डाल कर चूसने लगी।

वो तीनों हमारे नंगे बदन पर हाथ फिरा फिरा कर मज़ा लेने लगे। हमारी चूचियाँ दबा दबा कर मज़ा करने लगे।

फिर थामस सुलेखा की चूत चाटने लगा और सुलेखा माइकल का लण्ड।

कुछ ही देर में अंकल ने लण्ड मेरी की चूत में ठोक दिया और चोदने लगा।
मैं ससुरी रंडी की तरह चुदवाने लगी।

इधर माइकल ने लण्ड पेला सुलेखा की चूत में और चोदना शुरू कर दिया।
वो भी एक छिनार की तरह चुदने लगी।
मेरे मुंह में थामस का लौड़ा था जिसे मैं चूस रही थी।

सुलेखा के मुंह से निकलने लगा- हाय मेरे राजा मुझे खूब चोदो, मेरी चूत फाड़ डालो, पूरा घुसेड़ दो लण्ड, चीथड़े उड़ा दो मेरी चूत के। तेरे लण्ड बड़ा बेरहम है, और चोदो, मुझे दिन भर चोदो!

वह भी अपनी गांड उछाल उछाल कर चुदवा रही थी।

इधर मेरी चूत में अंकल का लौड़ा घुसा था। वह भी मुझे गचागच चोद रहा था।

मैं थामस का लौड़ा चाटती हुई चुदवा रही थी। अंकल का लौड़ा इतना मोटा था कि वह मेरी चूत में चिपक कर घुस रहा था।
अब मैं बोली- पूरा घुसा लण्ड यार! और फ़ास्ट चोदो, रंडी तरह चोदो मुझे। मैं तेरी बीवी हूँ … चोदो!
मैं दो दो लण्ड का मज़ा एक साथ ले रही थी।

मेरी नज़र माइकल के लण्ड पर भी थी। मैंने उससे कभी चुदवाया नहीं था।

अंकल इतनी बड़ी उम्र में मुझे खूब चोद रहा था, उसका लौड़ा साला इन लोगों के लौंडों से कम न था।

तब सुलेखा थामस के काले लण्ड से चुदवाने लगी। इधर मुझे माइकल का काला लौड़ा चूसने को मिल गया, इसमें भी बड़ा मज़ा आ रहा था।

कुछ देर बाद मैं अंकल के लण्ड पर बैठ गयी और मर्दों की तरह उसका लण्ड चोदने लगी।

उधर सुलेखा माइकल से चुदवाते हुए थामस का लौड़ा चूसने लगी।

इस तरह बार बार लण्ड अदल बदल कर हम दोनों ने खूब चुदवाया और तीनों लण्ड का खूब यूज़ भी किया और एन्जॉय भी किया।

आखिर में काले लण्ड झड़ते हुए खूब चाटे। पेल्हड़ भी सबके चाटे। सुलेखा तो सबका वीर्य पी गयी और तीनों लण्ड का सुपारा बड़ी मस्ती से चाटा।

जब वो लोग जाने लगे तो मैंने कहा- तुम लोग अपने दोस्तों को भी मेरे पास भेजो; मैं उनसे भी चुदवाकर मज़ा लेना चाहती हूँ। मुझे हर रोज़ लण्ड चाहिए।

दूसरे दिन छुट्टी का दिन था। सवेरे का समय था। मैं बाथरूम से अपनी झांटें वगैरह साफ़ करके बाथ रूम से चूचियों तक तौलिया लपेट कर बाहर निकली ही थी कि मेरी डोर बेल बज उठी।

मैंने दरवाजा खोला तो सामने एक अधेड़ उम्र का आदमी खड़ा था।
आदमी बड़ा गोरा चिट्टा हैंडसम था।
वह बोला- मैं विकी हूँ, मुझे खुराना ने आपके पास भेजा है।

मैंने उसे अंदर बैठाया और खुद सामने बैठ गयी। मैंने कहा- तो खुराना अंकल ने आपको सब कुछ बता दिया होगा?
वह बोला- हां बता दिया है।
मैंने पूछा- तुम्हारा शौक क्या है? किसी उम्र की औरतें तुम्हें पसंद हैं?

वह बोला- मुझे सभी उम्र की लड़कियां पसंद हैं। बेटियां भी, माँ भी, बहन भी, बीवियां भी … जो मुझे पसंद उसके साथ मैं सेक्स करता हूँ। जो मुझे पसंद नहीं करती मैं उसके पास कभी नहीं जाता।
मैंने साफ़ साफ़ कहा- मुझे मरद नहीं … मरद का लण्ड पसंद है अंकल. अगर लण्ड मेरी पसंद का हुआ तो मरद भी पसंद आ जाता है। अगर लण्ड पसंद नहीं है तो मरद चाहे जितना हैंडसम हो, मैं उसमे हाथ नहीं लगाती.

वह बोला- अब यह तो आप पकड़ कर ही पता लगा पायेंगी।

फिर मैंने अपना तौलिया उसके सामने ही उतार कर फेंक दिया और हो गयी एकदम बिंदास नंगी।
मैं चाहती थी कि उसका लौड़ा खूब जोरदारी से खड़ा हो जाए।

मैंने उसके कपड़े खोल कर लौड़ा बाहर निकाल लिया।
लण्ड हाथ में आते ही फनफना उठा। खड़ा हो गया लण्ड मेरे आगे और गुर्राने लगा।

लण्ड का टोपा एकदम खुला था। मोटा था लण्ड।
मैंने उसे पकड़ा चूमा और हिला हिला कर देखा।

तो मैंने कहा- वाह क्या लौड़ा है बहन चोद तेरा? ये तो खुराना के लण्ड के टक्कर का लण्ड है यार! एक बात बता तू चुदी हुई चूत ज्यादा चोदता है या बिना चुदी हुई?
वह बोला- मुझे चुदी हुई चूत चोदने में ज्यादा मज़ा आता है क्योंकि चुदी हुई बड़े मजे से खुल कर चुदवातीं हैं। इसलिए मैं चुदी हुई लड़कियां चोदता हूँ, लड़कियों की माँ चोदता हूँ और दोस्तों की बीवियां चोदता हूँ.

मैंने कहा- तो फिर मुझे भी चोदो मेरे राजा, मेरी चूत खूब अच्छी तरह चुदी हुई है.

मैं उसे नंगी नंगी अपने बेड रूम में ले गयी और उसका लण्ड चाटने लगी।
वह नंगा नंगा मेरी चूत चाटने लगा। फिर उसने मुझे खूब धकाधक चोदा। मैंने उससे दिन में 3 बार चुदवाया।

एक दिन मैं अपनी Xxx दोस्त हॉट गर्ल इनाया के घर चली गयी।
वह भी मेरी ही उम्र की है और बैंक में काम करती है। शादी उसने भी नहीं की पर चुदती है हर रोज़।

बैंक से आने के बाद वह हॉट गर्ल Xxx लण्ड का शिकार करने लगती है।
फ्लैट में अकेली रहती है और हर दिन किसी न किसी से चुदवाती है।

मैं जब पहुँची तो वह मुझे देख कर बहुत खुश हुई बोली- यार, मैं ढूंढ ही रही थी कि कोई मेरे साथ चुदवाने वाली मिल जाए। अब तू आ गयी है तो दिल खोल कर मेरे साथ चुदवा ले। चोदने वाले अभी आते होंगे.

थोड़ी देर में दो लड़के आ गये।

इनाया ने उनका परिचय कराया बोली- ये है भोसड़ी का शेखर … और ये है इसका दोस्त मादरचोद सूरज। ये दोनों साले लड़कियां खूब चोदते हैं। आज पहली बार मेरी पकड़ में आये हैं।

फिर हम सब लोग दारू पीने लगे.

इसी बीच इनाया उठी और शेखर के कपड़े उतार कर उसका लण्ड बाहर निकालने लगी।
उधर मैं सूरज का लौड़ा बाहर नकालने लगी।

दोनों लण्ड जब नंगे नंगे बाहर निकल आये तो मज़ा आ गया।
लण्ड बहन चोद मोटे भी थे और लम्बे भी।

तब मुझसे कपड़े बर्दाश्त नहीं हुए; मैं उन्हें खोल कर नंगी हो गयी और सूरज का लण्ड चूमने चाटने लगी।
उधर इनाया भी नंगी हुई और शेखर का लौड़ा पेल्हड़ सहित चाटने लगी।

फिर हम दोनों ने इन लड़कों से खूब भकाभक चुदवाया और रात भर चुदवाया।
हमने बदल बदल कर चूत में लण्ड पिलवाया।
अगले दिन संडे था तो कोई जल्दी नहीं थी।
सवेरे उठ कर एक एक बार फिर चुदवाया।

तब से इनाया के साथ मैं अक्सर नए नए लड़कों से चुदवाती हूँ।
हॉट गर्ल Xxx कहानी पढ़ कर आपको मजा तो खूब आया होगा.
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