Hot College Girl Sex Kahani - पड़ोसन की जवान बेटी की चुदाई - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani Hot College Girl Sex Kahani - पड़ोसन की जवान बेटी की चुदाई - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani

Hot College Girl Sex Kahani – पड़ोसन की जवान बेटी की चुदाई

हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैंने कैसे एक सेक्सी पड़ोसन लड़की की कुंवारी बुर को कैसे अपने लंड से खोला. वो तो चूत चटवा कर ही मजे से पागल हो गयी थी.

हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी के पिछले भाग
जवान लड़की ने मम्मी की सेक्स वीडियो देखी
में आपने पढ़ा कि अपनी मम्मी की चुदाई के वीडियो देख लड़की खुद अपनी बुर की पहली चुदाई के लिए मचल गयी.

अब आगे हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी:

मैंने शीना से पूछा– कैसा लगा शीना, मजा आया?
शीना- बहुत मजा आया अंकल, अगर मुझे पहले पता होता कि सेक्स में इतना मजा आता तो मैं भी कब की अपनी बुर चुदवा लेती।

मैं- अभी तुम्हारी बुर चुदी ही कहाँ है मेरी जान, अभी तो तुम्हारी बुर को मैंने छुआ क्या देखा भी नहीं. जब मैं तुम्हारी नंगी बुर को चाटूंगा और उसमें अपना लन्ड घुसाऊंगा, तब देखना तुम्हें कितना मजा आएगा.

शीना- तो देर किस बात की है अंकल … चोदो न मुझे, चाट लो मेरी चूत. मुझे भी लड़की से औरत बना दो!

मैं- तो ठीक है शीना. अब हम औरल सेक्स से शुरुआत करते हैं.
शीना- ये औरल सेक्स कैसे करते हैं अंकल?

मैं- औरल सेक्स में मर्द औरत की बुर चाटता है, जैसे अभी मैंने तुम्हारी बुर को कच्छी के ऊपर से चाटा था. पर अब मैं तुम्हारी बुर को नंगी करके चाटूंगा और औरत मर्द का लन्ड चूसती है. उसमें से जो मलाई निकलती है, उसे मजे से चाटती है.

शीना- तो क्या मुझे भी आप का लन्ड चूसना पड़ेगा? अगर मुझे उल्टी हो गयी तो?

मैं- देखो शीना, मैंने तुम्हें पहले ही बोला था कि सेक्स को जितना खुल कर एन्जॉय करोगी उतना ज्यादा मजा आएगा. हां शुरू में तुम्हें थोड़ा अजीब टेस्ट लगेगा लेकिन बाद में तुम खुद इसे चूसने को बोलोगी, अब टाइम वेस्ट मत करो चलो चुदाई का खेल खेलें.

यह बोलकर मैं शीना की पांव की तरफ आया और पहले मैंने उसकी नाभि में अपनी जीभ चलानी शुरू कर दी.
इससे शीना फिर से गर्म होनी शुरू हो गयी और अपने हाथों से अपने मम्में मसलने लगी.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने शीना की कच्छी उसके जिस्म से अलग कर दी.
ओह … क्या दिलकश नज़ारा था!

शीना की बुर साइज में छोटी सी थी, बिल्कुल गोरी!

मैंने उसकी बुर को खोला तो देखा अंदर से बिल्कुल लाल जैसे गुलाब का फूल आधा खिला हो.
और उस पर झड़ने के कारण उसकी बुर का पानी ऐसे चमक रहा था जैसे फूलों पर ओस की बूंद चमकती है.

मैंने पहले शीना की बुर को खोल कर सूंघा.
आह … क्या महक थी कुंवारी बुर के पानी की!

मैंने शीना की और देखा वो बस मुझे देख कर मुस्कुराये जा रही थी।

फिर मैंने शीना की गांड के नीचे एक तकिया रखा- शीना, अब मैं तुम्हारी बुर चाटने लगा हूँ, फिर तुम मेरा लन्ड चूसना!

शीना- अंकल मैं तो कब से अपनी बुर चटवाने को मरी जा रही हूं, बस आप जल्दी से चाटना शुरू करो.

फिर मैं शीना की दोनों टांगों के बीच आ गया और पहले मैंने उसकी बुर को बाहर से चाटना शुरू किया.

कुछ देर बाद मैंने उसकी बुर खोली और अपनी जीभ अंदर घुसा दी और चाटना शुरू कर दिया.

जैसे ही मेरी जीभ उसके गुलाबी दाने से टकराती तो शीना आह … हम्म … ओह्ह … ओह्ह करने लगती.
फिर मैंने अपनी जीभ को नुकीली कर के उसकी बुर में अंदर तक डाल दी.

मेरे ऐसा करने से शीना ने मेरा सर हाथों में पकड़ कर अपनी बुर पर दबा दिया और अपनी गांड को उठा कर मेरी जीभ का वेलकम किया.

शीना अब पूरी मस्ती से अपनी बुर चटवा रही थी और मैं भी पूरी शिदत्त से उसकी बुर के हर कोने को चाट रहा था.
कुछ ही देर में शीना झड़ गयी.

शीना जोर जोर से सिसकारियां भरने लगी और अपनी गांड को बेड पर पटकने लगी और आह … आह … ओह … ओह … हम्म … ह्म्म… याह याह करने लगी.
पूरा कमरा उसकी मादक सिसकारियों से गूंज उठा.

मैंने उसकी बुर से निकले सारे पानी को चाट लिया.

शीना- अब और वेट नहीं होती अंकल. डाल दो अपना लन्ड मेरी बुर में, अब बर्दाश्त से बाहर है!

मैं- इतनी भी क्या जल्दी है मेरी जान, अभी और मजे लो चुदाई से पहले के!

यह बोलकर मैं बेड से नीचे उतरा और शीना को घोड़ी बनने को कहा.

वो झट से घोड़ी बन गयी, मैं शीना के सामने खड़ा हो गया और अपना लन्ड उसके होठों पर लगा दिया.
शीना समझ गयी कि क्या करना है.

उसने अपने होंठ खोले और लन्ड को मुंह में लिया और दूसरे ही पल उसने लन्ड निकाल दिया और बेड पर थूक दिया.

यह देख कर मुझे गुस्सा आ गया और शीना भी समझ गयी कि मैं गुस्सा हो गया हूं.
उसने अपने दोनों कान पकड़े और सॉरी बोला और कहा- मैं दोबारा ट्राय करती हूं.

मैं- रुको, पहले ये देखो!
मैंने उसके सामने उसकी माँ का वीडियो चला दिया जिसमें उसकी माँ मेरा लन्ड चूस रही थी, और मेरा सारा माल गटक गयी.

“देख लो शीना, अब बिल्कुल घिन मत करना. तुमने देखा तुम्हारी माँ कितने प्यार और मजे से मेरा लन्ड चूस रही थी, और मेरा सारा माल कितने चाव से पी गई.”
शीना- ओके अंकल अब ठीक से चूसूंगी.
मैं- गुड गर्ल!

और ये बोल कर मैंने फिर से अपना लन्ड शीना के मुंह के सामने कर दिया.

अब शीना ने लन्ड चूसने में बिल्कुल अपनी माँ की नकल की, उसने पहले जीभ से मेरे सुपारे को चाटा फिर लन्ड को मुंह में लेकर चूसने लगी.
आह क्या नजारा था … मैं तो चारों खाने चित्त हो गया.

जब भी उसकी जीभ मेरे लन्ड के टोपे पर लगती तो मैं मस्ती से उसके मम्में दबा देता.
शीना भी लन्ड मुंह से बाहर निकाल कर एक लंबी सिसकारी भरती और बदले में मेरे लन्ड पर अपने दांत गड़ा देती.

कुछ देर बाद मैं बेड पर लेट गया और उसे 69 की पोजीशन में कर लिया. उसके गोरे चूतड़ों को पकड़कर मैं उसकी बुर को चाटने लगा.
वो भी मस्ती से मेरे लन्ड को चूसने लगी.

कुछ देर बाद उसने लन्ड चूसना छोड़ दिया और अपनी बुर को मेरे होंठों पर दबा दिया और ससस आह आह कर के मेरे होंठों पर झड़ गयी.
फिर मेरे ऊपर से उठ कर वो बेड पर चित लेट गयी और जोर जोर से सांस लेने लगी. जिस से उसके मम्में ऊपर नीचे होने लगे.

फिर वो उठ कर बैठ गयी, अपने हाथ से अपने होंठ साफ किये, और अपने बालों को पीछे करके बांधा और बोली- ओह अंकल, सच में सेक्स में बहुत मजा है, मेरी फ्रेंड्स बिल्कुल सही बोलती थी, मुझे बहुत मजा आया मैं तो दो तीन बार डिस्चार्ज हो गयी।

मैं- तुमने तो मजे ले लिए, पर मेरा क्या मैं तो अभी एक बार भी नहीं झड़ा.
यह सुन कर शीना मेरे पास आई और मेरे होंठों को चूम कर बोली- ओह सॉरी अंकल, मैं तो भूल ही गयी कि आप का भी पानी निकलना है. लाओ मैं आपको भी डिस्चार्ज कर दूं.

ये बोल कर शीना ने मेरा लन्ड पकड़ लिया.

मैं- सिर्फ डिस्चार्ज नहीं करना इसका सारा पानी भी पीना है
शीना- श्योर अंकल, मैं बिल्कुल सारा पानी पियूंगी, बस आप देखते जाओ.

यह सुनकर मैं फिर से नीचे खड़ा हो गया और शीना घोड़ी बन कर मेरा लन्ड पूरी शिद्दत से चूसने लगी.
वो कभी टोपे पर जीभ फेरती, कभी लन्ड पर थूक कर उसे हाथों से ऊपर नीचे करती, कभी लन्ड को पूरा अपने गले तक उतारती.

मेरा लन्ड तन कर लोहे की रॉड जैसा सख्त हो गया.
कुछ देर बाद मैं भी अपनी चरम सीमा पर आने वाला था, मैंने शीना के बाल पकड़े और धक्के लगाकर उसका मुंह चोदने लगा.

कोई तीन मिनट बाद जब मेरा छूटने को हुआ तो मैंने लन्ड शीना के मुंह से निकाला और उसे जीभ बाहर निकालने को बोला.

उसने जैसे ही अपनी जीभ बाहर निकाली, मेरे लन्ड से तेज पिचकारी निकली और शीना की जीभ, होंठ, माथा, नाक सब जगह मेरे माल से लबरेज हो गए.

मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ.
पर शीना मेरा सारा माल उंगलियों से साफ करके अपनी मां की तरह चाट गयी.
मैं निढाल होकर बेड पर पसर गया, मेरा लन्ड भी निढाल हो गया.

फिर शीना उठी और मेरे लन्ड को चूमकर बाथरूम में नंगी ही चली गई.
मैं उसे पीछे से जाते हुए देख रहा था.

उसकी गोरी गांड किसी बलखाती नागिन की तरह मटक रही थी.

कुछ देर बाद वो अपने को साफ कर के आयी और मेरे ऊपर लेट गयी.
मैंने उसमें होंठों पर अपने होंठ रख दिये और उन्हें चूमने लगा.

शीना ने भी अपने जीभ मेरी जीभ से मिलानी शुरू कर दी और मैं उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा.

हम दोनों एक अलग ही दुनिया में थे जहां किसी को न तो किसी की फिक्र थी न ही किसी का डर … बस एक दूसरे को भोगने की चाहत और अपनी अपनी प्यास मिटाने की हसरत थी.

मैं फिर से शीना के बूब्स को चूस कर उसे गर्म करने लगा. शीना भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

थोड़ी देर बाद मैंने फिर से उसकी बुर चाटनी शुरू की.

कुछ ही देर में शीना गर्म हो गयी उसकी पीठ बलखाने लगी- अंकल प्लीज … अब और मत तड़पाओ. अब तो डाल ही दो अपना लन्ड मेरी बुर में! नहीं तो मैं पागल हो जाऊंगी.

मैंने भी अब देर करना ठीक नहीं समझा, मैंने फिर से उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और उसकी टांगें खोल कर चौड़ी कर दी.

मैं- शीना, अब मैं तुम्हारी बुर में लन्ड डालने लगा हूँ. शुरू में तुम्हें थोड़ा दर्द होगा जो तुम्हें सहना होगा. और जैसे तुम्हें पहले भी बताया था कि थोड़ा खून भी निकलेगा. तो तुम डर मत जाना, ये सब पहली बार करने से होता है. बाद में तो तुम खुद चुदने को बोलोगी.

शीना- ठीक है अंकल मैं मैंनेज कर लूंगी. पर आप प्लीज आराम से चोदना, आपका लन्ड बहुत मोटा और लम्बा है.
मैं- तुम बिल्कुल फिक्र मत करो. मैं अपनी रानी की सील बहुत आराम से तोडूंगा.

यह बोल कर मैंने शीना की बुर को चूमा और अपने लन्ड मुंड को उसकी बुर के मुंह पर लगाया.
शीना भी इसी पल का इंतजार कर रही थी.

मैंने हल्के धक्के के साथ अपने लन्ड के टोपे को उसकी बुर में एंट्री करवा दी.

लन्ड अंदर जाते ही शीना के मुंह से जोर की चीख निकल गयी- हाय मम्मी … मर गईई! आह अंकल … बाहर निकालो! बहुत दुख रही है. हाय उफ्फ मर गईई माउम्मी!

मैंने लन्ड के टोपे को बिना हिलाये डुलाए अंदर ही रखा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर चूसने लगा.
शीना की आंखों से आंसू निकल आये.

थोड़ी देर बाद वो सहज हुई उसकी चीखें अब लम्बी लम्बी सांसों में बदल गयी.

अब मैंने इशारे से पूछा कि डाल दूँ पूरा?
तो उसने अपनी पलकें झुका के अपनी सहमति दी.

मैंने उसी टाइम लन्ड को थोड़ा बाहर निकाला और एक जोर का धक्का लगाया.
मेरा लन्ड शीना की बुर को चीरता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराया.

शीना की फिर से चीख निकल गई- आ मम्मी … हाय मर गईई!
वह बेडशीट को नोचने लगी और दर्द से अपनी गर्दन इधर उधर पटकने लगी.

शीना की बुर की सील टूट चुकी थी, उसकी बुर से खून बहना शुरू हो गया था.
मैं अपने मन में इतरा रहा था और अपनी किस्मत पर नाज़ कर रहा था.

नाज़ करूं भी क्यों न … आखिर कई सालों बाद मैंने एक बीस साल की कुंवारी कमसिन लड़की को कली से फूल जो बना दिया था!

मैं फिर से कुछ देर के लिए रुक गया और लन्ड को बुर में ही रहने दिया.
फिर मैंने प्यार से उसके चेहरे पर उसके बालों को हटाया और शीना के आंसू साफ किये.

मैं उसके होंठों को चूमकर उसके सहज होने का इंतज़ार करने लगा.
कुछ देर बाद शीना भी मेरा साथ देने लगी.

तब मुझे लगा कि अब वो ठीक है, मैंने अपने होंठ उसके होंठों से अलग किये और पूछा- ठीक हो?
उसने हां में सिर हिलाया तो मैंने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए.

अब शीना को भी मजा आना शुरू हो गया. उसके मुंह से आहहह ओह ह्म्म्म ऊऊ की आवाज़ें निकल रही थी. शीना अब अपनी गांड उठा उठा कर लन्ड को अंदर ले रही थी.

अब मुझे लगा कि शीना नॉर्मल हो गयी है तो मैंने धक्कों की रफ्तार बढ़ा दी.
उसके मुंह से फिर से आहहह ओहह इसस ह्म्म्म ऊ ऊ ओहह ह्म्म्म की आवाज़ें आनी शुरू हो गयी.

शीना ने अपनी दोनों टांगें मेरी पीठ पर कैंची की तरह लपेट ली और अपनी गांड उठा कर मेरा साथ देने लगी. शीना मेरे धक्कों के साथ अपनी गांड का बेहतरीन तालमेल बना रही थी.

तकरीबन बीस मिनट की शीना की कुंवारी बुर चोदने के बाद मेरे लन्ड से भी लावा फूटने को हुआ.
इस बीच शीना भी दो बार झड़ चुकी थी, उसकी बुर उसके कामरस और खून से सराबोर थी.

मैंने तेजी से धक्के लगाते हुए अपना लन्ड शीना की चूत से निकाला और अपना सारा माल शीना के पेट पर निकाल दिया जिससे उसकी मस्त गोरी नाभि भी भर गई.

मैं थक कर शीना के बूब्स पर गिर गया और उसे चूमने लगा.

शीना भी मेरे बालों में अपनी उंगलियां फेरकर मुझे चूमने लगी और मुझ से लिपट गयी.

थोड़ी देर बाद हम दोनों अपनी सांसों को संभालते हुए अलग हुए.
शीना उठ कर बैठ गयी और अपनी टांगें खोल कर अपनी बुर देखने लगी.

अपनी फटी बुर देख कर उसने शर्म से अपने चेहरे को हाथों से ढक लिया.

मैंने उसके चेहरे से हाथ हटाये और उसे फिर से चूम कर मैं वाशरूम चला गया.
अपने आप को साफ करके मैं एक मग में गर्म पानी लाया और उस से शीना की चूत और पेट साफ किया.

फिर शीना बाथरूम जाने के लिए उठी तो उसे चला नहीं जा रहा था.
तो मैं उसे पकड़ कर बाथरूम तक छोड़ कर आया.

शीना वापिस आयी और घड़ी में टाइम देखा तो हमें ये खेल खेलते हुए दो घण्टे हो गए थे.
उसके पास अभी एक घंटा और था.

हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और मैं शीना को ड्राइंगरूम में ले आया.
फिर शीना को मैंने बादाम शेक पीने को दिया और मैं खुद बियर पीने लगा.

मैं- तुम ठीक हो न शीना?
शीना- हां जी अंकल, बस थोड़ा टांगों और चूत में दर्द हो रहा है.
मैं- कोई बात नहीं ठीक हो जाएगा, मैं तुम्हें अभी एक पेन किलर दे देता हूँ.

शीना- अंकल एक बात पूछनी थी.
मैं- हां पूछो क्या पूछना है?

शीना- अंकल, आप मम्मी को तो अलग अलग पोज़ में चोदते हो, फिर मुझे एक ही पोज़ में क्यों चोदा?
मैं- ये तुम्हारा पहली बार था इस लिए! पहली बार में तुम इजी फील नहीं करती. अगर तुम चाहो तो अगली बार तुम्हारी ये इच्छा भी पूरी कर दूंगा.

शीना- हां अंकल, मैं भी चाहती हूँ हर पोज़ ट्राय करना, पर डरती हूँ कि दर्द बहुत होगा.

मैं- पागल लड़की … जितना दर्द होना था हो गया. अब तो बस तुम्हें मजा ही मजा आएगा.

शीना- सच में अंकल, वैसे आंटी ने कब तक आना है?
मैं- वो एक हफ्ते के लिए गयी है, अब एक हफ्ते तक तो मैं अकेला ही रहूंगा.

शीना- अकेले क्यों रहोगे? मैं जो हूं आप के साथ!

यह बोलकर शीना मेरे गोद में आकर बैठ गयी और मुझे किस करने लगी.
मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया जो शीना ने भी महसूस किया.

वो खड़ी होकर बोली- हे भगवान, ये तो फिर से टाइट हो गया.
मैं- शीना, अब मैं क्या करूँ ये तुम्हारे जाने के बाद मुझे बहुत तंग करेगा.
मैंने शीना की टांगों पर हाथ फेरते हुए बोला.

शीना- ओह अंकल सॉरी … पर अभी मेरे घर जाने का टाइम हो रहा है. मन तो मेरा भी कर रहा है. पर अभी बुर में थोड़ा दर्द भी हो रहा है, आप मुझे दवाई दो. मैं कल आकर अपनी और आपकी सारी कसर पूरी करूँगी.

मैं शीना को दवाई देते हुए बोला- चलो चूत में ना सही, अपने मुंह में तो ले लो!
शीना- हां अंकल, ये कर सकती हूं अभी!

ये बोलकर शीना मेरे लोअर में से लन्ड निकाल कर नीचे बैठ कर चूसने लगी.

कुछ देर बाद मेरे लन्ड का पानी निकला जिसे शीना चट कर गई.

फिर शीना ने अपने आप को ठीक किया दवाई खाई और मुझसे गले मिलकर कल आने का वादा करके चली गयी।

तो दोस्तो, यह थी मेरी गर्लफ्रैंड की कुंवारी बेटी की चुदाई की कहानी.
आशा करता हूँ आप सबको मेरी यह कहानी भी पसंद आई होगी.

अगले दिन मैंने शीना को कैसे चोदा और कितने दिन चोदा … ये सब आपको थोड़े दिन बाद बताऊंगा.

आप सबको मेरी ये हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी?
ये आप मुझे मेल पर बता सकते हैं. मैं hangouts पर भी उपलब्ध हूँ, आप अपने सुझाव वहां भी दे सकते हैं. मुझे आप सब का इंतजार रहेगा.
इसी के साथ मैं आप से इजाजत चाहता हूं, नमस्कार!
आपका अपना संजय
[email protected]

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