Desi Indian Married Sex Kahani - गर्लफ्रेंड की भाभी का इलाज किया - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani Desi Indian Married Sex Kahani - गर्लफ्रेंड की भाभी का इलाज किया - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani

Desi Indian Married Sex Kahani – गर्लफ्रेंड की भाभी का इलाज किया

देसी इंडियन मैरिड सेक्स कहानी में पढ़ें कि मुझे पता लगा कि मेरी गर्लफ्रेंड की भाभी को बच्चा नहीं हो रहा तो उसका इलाज करने के बहाने मैंने उसे कैसे चोदा?

मेरी पिछली कहानी
मेरे बेटे की नयी हिंदी अध्यापिका
में आपने पढ़ा कि मेरे बेटे विशाल की क्लास टीचर सितारा मेरे लण्ड की मुरीद हो चुकी थी.

उसकी भाभी कविता शादी के आठ साल गुजर जाने के बावजूद माँ नहीं बन सकी थी इसलिए सितारा एक दिन कविता को लेकर मेरे क्लीनिक पर आई.

अब आगे देसी इंडियन मैरिड सेक्स कहानी का मजा लें.

कविता को देखकर मैं दंग रह गया.
जींस टॉप पहने 35 साल की कविता आलिया भट्ट की तरह नाजुक और मासूम थी. उसे देखकर लगता था कि ग्रेजुएशन की छात्रा है.

उससे बातचीत करके, मेडिकल हिस्ट्री समझकर मैं उसे चेकअप के लिए अन्दर ले गया.

कविता को लिटाकर मैंने उससे जींस के बटन खोलने को कहा.
उसकी नाभि और चूत के बीच के शरीर को दो चार जगह दबाकर मैंने चेक किया.

फिर उसे मैंने बताया- आपके लोअर एब्डामिन में थोड़ी स्वेलिंग है और मसल्स टफ हो गई हैं. मैं दो क्रीम दे रहा हूँ. रात को सोते समय एक से नाभि से लेकर चूत तक मसाज करनी है और दूसरी को चूत के अन्दर लगाना है. आप टाइट कपड़े बिल्कुल न पहनिये और हो सके तो पैन्टी भी न पहनिये. 15 दिन तक मसाज करिये, फिर मुझे दिखाइये.

दरअसल मैंने उसे कामोत्तेजक क्रीम दी थी जिसे चूत के अन्दर लगाने से औरत चुदासी हो जाती है. मैं चाहता था कि वो दिन भर नंगी रहे, चूत को हवा लगे तो उसे पुरुष की जरूरत महसूस हो.

15 दिन बाद कविता मेरे क्लीनिक पर आई.
आज उसने स्कर्ट व ब्लाउज पहना था और अकेले आई थी.

हाल चाल पूछने के बाद मैंने उसे अन्दर चलने को कहा.

कविता अन्दर जाकर लेट गई तो मैंने उससे स्कर्ट का हुक खोलने को कहा.
उसने स्कर्ट का हुक और चेन खोल दी.

मैंने देखा कि उसने पैन्टी नहीं पहनी थी.

उसका चेकअप करते हुए मैंने पूछा- आपके पति के कब लौटने का प्रोग्राम है?
“सर, वो जब जाते हैं तो करीब चार महीने बाद लौटते हैं और अमूमन दो महीने यहाँ रुकते हैं.”

“इस बार कब लौट रहे हैं?”
“अगले महीने की 15 तारीख को.”

“यानि करीब 25 दिन बाद?”
“जी.”

“आपकी डेट कब होती है?”
“बस एक दो दिन में होने वाली है.”
“जिस दिन हो मुझे बताइयेगा.”
“जी.”

दो दिन बाद कविता का फोन आया कि उसकी डेट हो गई है.
मैंने उससे कहा- आज से दसवें दिन आपको एक इंजेक्शन लगवाना है लेकिन वो इंजेक्शन या तो आपके घर पर लगेगा या आपको मेरे घर चलना पड़ेगा.

“जैसे आपको ठीक लगे. वैसे मेरे घर पर कोई समस्या नहीं है क्योंकि मेरी सास नीचे अपने बेडरूम में रहती हैं, उनके पैरों में दिक्कत है इसलिए वो अपने बेडरूम में ही रहती हैं. और दोपहर में 12 बजे से 4 बजे तक सोती हैं. आप इस बीच कभी भी लगा दीजिएगा.”

दस दिन बाद सुबह सुबह कविता का फोन आया- डॉक्टर साहब आप किसी भी समय आ सकते हैं, दरअसल मेरी सास एक हफ्ते के लिए अपने भाई के घर गई हैं.
“तो ठीक है, मैं 11 बजे आता हूँ.”

मैं 11 बजे पहुंचा तो कविता ने दरवाजा खोला.
गुलाबी रंग का झीना सा गाऊन पहने हुए थी, पता चल रहा था कि उसने ब्रा और पैन्टी नहीं पहनी है.

“इंजेक्शन ऊपर बेडरूम में चलकर लगायेंगे या यहीं सोफे पर लगा देंगे.”
“बेडरूम में … क्योंकि कुछ चेकअप भी करना होगा.”

मुझे समझ आ गया था कि सितारा की तरह कविता भी चुदासी थी.

ऊपर बेडरूम में जाकर मैंने पूछा- जब आपके पति यहाँ होते हैं तो आप लोग दिन में कितनी बार सेक्स करते हैं?
“दिन में कितनी बार? क्या पूछ रहे हैं, सर. हफ्ते में एक या दो बार.”

“आपके बच्चा न होने का शायद यही कारण है. माहवारी शुरू होने के दसवें से 15वें दिन तक लगातार चुदाई होने से गर्भधारण की काफी सम्भावना रहती है. आपकी सास एक हफ्ते के लिए नहीं हैं, आपके पति 10 दिन बाद आने वाले हैं. आपके पास एक सुनहरा मौका है कि मुझे अपने पास आने दीजिये, ईश्वर की कृपा हो सकती है.”

“आप कुछ भी कीजिये, मुझे बच्चा चाहिए, मैं अपनी सास के ताने सुन सुन कर तंग आ चुकी हूँ.”
“तो फिर इधर आओ.”

कहकर मैंने कविता को अपनी बाँहों में भर लिया.

इमरती रानी जैसे भारीभरकम शरीर वाली सितारा को चोदने का अनुभव लेने के बाद आलिया भट्ट जैसी नाजुक और कमसिन कविता चुदने को तैयार थी.

मैंने अपनी शर्ट, बनियान और पैन्ट उतार दी.
कविता का गाऊन खोलकर मैंने उसको नंगी कर दिया.

उसके होंठों पर अपने होंठ रखकर मैंने अपना एक हाथ उसके चूतड़ों पर और दूसरा चूत पर रख दिया.
उसने अपनी चूत की सफाई आज ही की थी.

चिकनी चूत पर हाथ फेरते हुए मैं कविता के होंठ चूसने लगा, वो भी मेरा साथ देने लगी.
चूत के लबों के साथ छेड़छाड़ करने से उसकी चूत गीली हो गई.

मैंने कविता का हाथ अपनी फ्रेंची पर रखते हुए उसे नीचे खिसकाने का इशारा किया.
तो कविता ने दोनों हाथों से मेरी फ्रेंची नीचे खिसकाई और फिर अपने पैर के अँगूठे में फँसाकर मेरे शरीर से अलग कर दी और मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगी.

मैंने कविता का हाथ अपने लण्ड पर रखा तो कविता मेरे लण्ड को सहलाते हुए उसके साइज का अन्दाज लगाने लगी.

मैंने कविता के होंठों को दाँत से काटते हुए उसकी चूत में उंगली डाल दी.
चूत गीली थी और चुदने को तैयार थी.

मेरे कहने पर कविता कोल्ड क्रीम की शीशी ले आई.
मैंने ढेर सी क्रीम उसकी हथेली पर रखते हुए कहा- मेरे लण्ड की मसाज कर दो. लेकिन पहले मुँह में लेकर गीला कर लो.

कविता बेड पर बैठकर मेरा लण्ड चूसने लगी तो मैं उसके संतरे निचोड़ने लगा.

जब कविता ने मेरे लण्ड की मसाज कर दी तो मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके चूतड़ के नीचे तकिया रखकर उसकी टाँगों के बीच आ गया.

कविता की चूत के लब खोलकर मैं उस पर अपने लण्ड का सुपारा रगड़ने लगा जिससे चूत पानी छोड़ने और लण्ड टनटना गया.

चूत के मुखद्वार पर लण्ड का सुपारा टिकाकर मैं आगे की ओर झुक गया और कविता की चूचियां चूसने लगा.
लण्ड को धीरे धीरे अन्दर धकेलते हुए आधा लण्ड कविता की चूत में पेल दिया.

कच्ची कली जैसी नाजुक चूत में लण्ड फँस गया.
मैंने एक दो झटके मारकर पूरा लण्ड अन्दर कर दिया तो कविता की आँख में आँसू आ गये.

तो मैंने पूछा- पहली बार चुदवा रही हो क्या? जो इतना परेशान हो रही हो?
“पहली बार तो नहीं … लेकिन इस तरह पहली बार चुदवा रही हूँ. संजय तो आता बाद में है जाता पहले है. ऐसा लग रहा है कि आपका लण्ड तो बच्चेदानी के अन्दर तक चला गया है.”

“चला गया है तभी तो मेरा मुन्ना तुम्हारे पेट में पलेगा.”

‘आपके मुंह में घी शक्कर …’ कहते हुए कविता ने अपनी आँख से टपके आँसू पोंछ लिये.

कविता की चूचियां चूसते हुए मैंने पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार से उसे चोदना शुरू किया.

धीरे धीरे रफ्तार बढ़ाते हुए राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार तक पहुंच गया. कविता की टाइट चूत और कड़क चूचियों ने मेरा जोश बढ़ा दिया था.

जब मैंने डिस्चार्ज किया तो कविता की चूत सराबोर हो गई.

काफी देर तक मैं कविता के ऊपर लेटकर उसे चूमता रहा, मेरा लण्ड उसकी चूत में ही धँसा हुआ था.

सीने से रगड़ खाती चूचियों और कविता की गर्म सांसों से मेरा लण्ड फिर से कड़क होने लगा था लेकिन कविता के कहने पर मैंने बाहर निकाल लिया.

हमने कॉफी पी और फिर से बेड पर आ गये.

उस दिन और अगले चार दिन तक मैंने कविता को जमकर चोदा.

कुछ दिन बाद संजय आ गया और उसके आने के अगले महीने कविता ने अपने गर्भवती होने की खुशखबरी सबको सुना दी.

आगे चलकर सितारा और कविता दोनों आपस में खुल गईं जिससे मेरा काम आसान हो गया.

आपको कैसी लगी यह देसी इंडियन मैरिड सेक्स कहानी? मेल और कमेंट्स में बताइयेगा.
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