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रंडी बहन पकड़ी गई

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राजीव है और में मुंबई का रहने वाला हूँ. में एक सीधा साधा सा दिखने वाला लड़का हूँ.. मुझे सेक्स का बहुत शौक है और में जब भी अपनी सभी कामों से फ्री होता हूँ तो में वेबसाईट पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ. दोस्तों में आज आप सभी को अपने जीवन की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ.. जिसको में आप सभी को सुनाने की बहुत समय से सोच रहा था.. लेकिन मुझे अब लिखने का समय मिला और अब में थोड़ा अपने परिवार का परिचय आप सभी से करा देता हूँ. रंडी बहन

 रंडी बहन

दोस्तों मेरे घर में मेरी मम्मी में और मेरी बड़ी दीदी रहती है.. मेरी उम्र 22 साल है और मेरी दीदी की उम्र 26 साल है. में एक प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता हूँ और काम के लिए सुबह जल्दी घर से निकल जाता हूँ.. मेरा पापा का अपना एक बिजनेस है और अब कुछ समय पहले पापा की म्रत्यु होने के बाद में खुद उसे चला रहा हूँ. तो में हर सुबह घर से 9 बजे निकल जाता हूँ और घर पर 11 बजे तक आ जाता हूँ और मेरी मम्मी की बहन (मतलब मेरी मौसी) हमसे एक घंटे की दूरी पर रहती है. रंडी बहन

तो घर पर अकेले होने के कारण मम्मी ज़्यादातर मौसी के घर चली जाती है.. लेकिन मेरी बहन घर पर पूरा दिन एकदम अकेली रहती है. मेरी बहन का नाम सलोनी है और वो थोड़ा सावले रंग की है.. लेकिन उसकी कमर, फिगर बहुत मस्त है और वो एक बहुत सुंदर दिखने वाली लड़की है. उसके पीछे बहुत लड़के पड़ते है और वो भी उन लड़कों से मोबाइल पर घंटों बात करती रहती है.. लेकिन मैंने कभी भी उनसे उस बारें में कुछ नहीं कहा. रंडी बहन

एक दिन में सुबह उठकर अपने ऑफिस जाने के लिए तैयार हुआ और फिर मम्मी ने कहा कि आज वो अपनी बहन के घर पर जाएगी और में तैयार होकर ऑफिस के लिए निकल पड़ा. तो मैंने वहां पर पहुंच कर देखा कि ऑफीस में कुछ ज़्यादा काम नहीं था इसलिए मैंने सोचा कि क्यों ना आज में घर जल्दी चला जाऊँ और कोई अच्छी फिल्म देख लूँ. तो में जल्दी घर के लिए निकल पड़ा और घर के दरवाजे की एक चाबी मेरे पास भी थी. रंडी बहन

तो में घर पर आया और वो दोपहर का टाईम था.. तो मैंने सोचा कि शायद दीदी सो रही होगी में उसे नींद से उठाकर परेशान नहीं करूँगा और फिर मैंने धीरे से दरवाजा खोला और घर के अंदर घुसते ही मुझे कुछ अजीब आवाजें आने लगी.. तो मैंने सोचा कि शायद दीदी बेडरूम में टीवी देख रही होगी और हो सकता है कि यह उसी की आवाज हो?

मैंने उस आवाज पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और में अपने कमरे में पहुंचकर कपड़े बदले लगा और फिर में कपड़े बदल कर अचानक से अपनी दीदी के बेडरूम में चला गया.. लेकिन दीदी के बेडरूम का वो नज़ारा देखकर मेरी आखें खुली की खुली रह गयी. मैंने वहां पर देखा कि मेरी दीदी अपने बेड पर पड़ी हुई है और उन्होंने अपने दोनों पैरों को फैलाया हुआ है और वो अपनी चूत में उंगली डाल रही थी. तो यह सब देखकर मेरा लंड बहुत बुरी तरह से तनकर खड़ा हो गया और मेरे पूरे शरीर में एकदम जोश आ गया और में दरवाज़े के कोने से उन्हें देख रहा था और अपने लंड को सहला रहा था और अब कुछ देर बाद मैंने अपना लंड हिलाना शुरू कर दिया. रंडी बहन

फिर कुछ मिनट बाद उन्होंने अपनी स्पीड बड़ा दी और फिर वो झड़ गई और एकदम शांत होकर बेड पर पड़ी रही और उनकी चूत से रस बहता हुआ बाहर आने लगा. दोस्तों उन्हे इस हालत में यह सब करता हुआ देखकर एक बार तो मैंने सोचा कि में अभी जाकर अपनी दीदी को जबरदस्ती पकड़कर चोद डालूं.. लेकिन उस वक्त मैंने अपनी भावनाओ को काबू में रखा और उस पल को हमेशा याद रखने के लिए मैंने उसका वीडियो बना लिया और अब में हर रात को सोते समय उस वीडियो को देखकर अपना लंड हिलाता हूँ और मुठ मारकर अपने लंड को शांत करता हूँ. दोस्तों जब से मैंने अपनी दीदी को उस हालत में वो सब करते हुए देखा है.. तब से में उसे चोदने की तरकीब ढूँडने लगा और मैंने कई बार अपनी मम्मी की गैर हाज़री में दीदी को अपनी तरफ कई बार आकर्षित करने की कोशिश की.. दोस्तों में कभी कभी अंडरवियर में अपना लंड खड़ा करके दीदी के पास खड़ा हो जाता.. लेकिन उससे कुछ खास काम नहीं बना. रंडी बहन

फिर एक दिन मेरी मम्मी फिर से अपनी बहन के घर जाने वाली थी और उस दिन मैंने ऑफिस से घर पर जल्दी आने का प्लान बनाया और फिर में उस दिन की तरह घर पर जल्दी आ गया. तो जब में अपनी बिल्डिंग में लिफ्ट की तरफ जा रहा था.. तब मेरी सोसाइटी के एक बच्चे ने मुझसे बोला कि यह लिफ्ट खराब है और वॉचमेन उसे ठीक करने के लिए छत पर गया हुआ है.

दोस्तों हमारा घर आखरी मंजिल पर है और बिल्डिंग एकदम नई थी.. इसलिए बहुत कम लोग ही लोग उसमे रहने आए थे. फिर में सीड़ियों पर चलता हुआ अपने घर पर पहुंच गया और मैंने वहां पर पहुंच कर बहुत धीरे से घर का दरवाज़ा खोला और अंदर घुसते ही मुझे उस दिन की तरह वही आवाज़ आ रही थी. तो मैंने सोचा कि शायद दीदी आज फिर से अपनी चूत में उंगली डाल रही है? तभी मैंने एक नाटक करने के बारे में सोचा और मैंने अपने कपड़े खोले और पूरा नंगा होकर अपनी बहन के बेडरूम में अंजाने में जाने का प्लान बनाया और फिर में वैसे ही चला गया. तो आज जब में कमरे के अंदर गया तो नज़ारा और भी चौंकाने वाला था. रंडी बहन

दोस्तों मेरी रंडी बहन अपने दोनों पैरों को फैलाए हुए बेड पर पड़ी हुई थी और वो वॉचमेन नीचे जमीन पर खड़ा हुआ अपना लंड मेरी रंडी बहन की चूत में डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के दे रहा था और यह सब देखकर मेरा लंड तो एकदम खड़ा हो गया.. लेकिन अब मुझे बहुत गुस्सा भी आ रहा था कि वो वॉचमेन मेरी बहन की चूत मारकर जा सकता है और अब तक में कुछ नहीं कर पाया. फिर मेरी बहन की चूत में वॉचमेन करीब एक घंटे तक लंड डालता रहा.. वो उनकी चूत पर ताबड़तोड़ धक्के दे रहा था और वो नीचे पड़ी पड़ी सिसकियाँ ले रही थी. तभी अचानक से उसने अपनी स्पीड और बड़ा दी और कुछ धक्को के बाद उसने अपना वीर्य मेरी बहन की चूत में डाल दिया और वो सब चुदाई के द्रश्य मैंने अपने मोबाईल में रिकॉर्ड कर लिए थे

फिर में कमरे से बाहर आकर अपने कपड़े पहनकर जल्दी से घर के बाहर चला गया और जब वॉचमेन मेरे घर से बाहर निकल गया.. तब मैंने अपने घर की घंटी बजाई और मेरी दीदी ने दरवाज़ा खोला और वो मुझे देखकर एकदम चकित हो गई.. लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोली और में भी उसे देखकर समझ गया कि यह अपनी चुदाई से बहुत थक चुकी है.. वो उसके चेहरे से झलक रहा था.. उसके बिखरे हुए बाल और चेहरे का उड़ा हुआ रंग साफ साफ बता रहा था कि वो अभी अभी चुदकर आ रही है और फिर वो मेरे आगे आगे अपनी गांड मटकाती हुई चलने लगी और में उसके पीछे पीछे उसकी गांड को देखता हुआ अंदर चला आया. फिर मैंने थोड़ा नाश्ता किया और हॉल में दीदी और में साथ बैठकर फिल्म देखने लगे और मैंने सोच ही लिया था कि आज इस साली रंडी को में किसी भी हालत में जरुर चोदूंगा. रंडी बहन

में टीवी देखते हुए एकदम से उठा और अपने बेडरूम में चला गया और कुछ देर के बाद सिर्फ़ अंडरवियर और बनियान में बाहर आया. फिर मैंने अपनी दीदी के थोड़ा पास आकर कहा कि मेरे पास एक बहुत अच्छी नयी फिल्म आई है और अब हम उसे देखेंगे तो उसने हाँ कर दिया.. लेकिन उसकी नजर मेरे खड़े हुये लंड पर थी और मेरी उसके बड़े बड़े बूब्स पर.. जो मुझे अपनी और आकर्षित कर रहे थे. तो मैंने फिल्म शुरू की.. पहले तो फिल्म ठीक ठाक चल रही थी.. लेकिन थोड़ी देर बाद उसमे गंदे गंदे सीन चालू हो गये और फिर धीरे धीरे उसमे चुदाई वाले सीन चालू हो गए. रंडी बहन

मेरी बहन एकदम उठकर खड़ी हुई और वो बनावटी गुस्से में मुझसे बोली कि यह क्या बदतमीजी है? यह तुम मुझे क्या दिखा रहे हो.. में तुम्हारी बड़ी बहन हूँ और में यह सब गंदी चीज़े नहीं देखती और अभी के अभी यह सब बंद करो. फिर में उठकर खड़ा हुआ और मैंने सबसे पहले उसे अपनी चूत में उंगली डालने वाली वीडियो दिखाई.. वो उसे देखकर एकदम भड़क गयी और उसने मुझे एक जोरदार थप्पड़ लगा दिया और कहा कि तुम भी तो बाथरूम में जाकर अपना लंड हिलाते हो.. तुमने मेरा ऐसा वीडियो क्यों लिया? और हिलाते तो सब ही है और हाँ, में भी कभी कभी चूत में ऊँगली करती हूँ.. लेकिन मैंने कभी किसी के साथ सेक्स किया नहीं है. तो मैंने फिर उसे वॉचमेन से उसकी चुदाई वाली वो वीडियो दिखाई और फिर पूछा कि अब बोल साली रंडी तब तो पैर फैलाकर बड़े मज़े से लंड ले रही थी और जब मैंने कुछ सेक्स वाली फिल्म दिखाई तो मेरे ऊपर भड़क गयी? तो वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और मेरे पैरों पर गिर पड़ी और वो मुझसे माफ़ी मांगने लगी.. बोली कि प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.. मैंने बहुत बड़ी ग़लती कर दी. रंडी बहन

तो मैंने कहा कि में तुम्हें एक ही शर्त पर माफ़ करूँगा.. अगर तुम जो काम उस वॉचमेन के साथ कर रही थी वही काम मेरे साथ करो तो? तो यह बात सुनकर वो एकदम दंग रह गयी और मुझसे दूर जाकर खड़ी हो गयी. फिर उसने मुझसे कहा कि में उसका भाई होकर उसके बारें में ऐसा कैसे सोच सकता हूँ? रंडी बहन

मैंने कहा कि जब तू उस वॉचमेन से पूरी तरह से जोश में आकर चुदवा रही थी.. तब तो तुझे बड़ा मज़ा आ रहा था ना? तो अब मुझसे चुदवाने में क्या प्राब्लम है? और में यह बात किसी को नहीं बताऊंगा और एक भाई, बहन का रिश्ता हम लोग घर के बाहर रखेंगे और घर में दिनभर चुदाई करते रहेंगे.. इसकी वजह से तुझे भी बाहर किसी और से चुदवाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और में घर पर ही तुझे चोदता रहूँगा.. इससे तेरा भी काम चलेगा और मेरा भी चलता रहेगा और इस तरह से बहुत देर तक समझने पर वो आख़िर समझ गई.. लेकिन उसने बोला कि हम चोदेंगे नहीं.. लेकिन सिर्फ़ एक दूसरे को मुठ मारने में मदद करेंगे.. तो मैंने कहा कि ठीक है. रंडी बहन

फिर हम बेडरूम में आ गये.. पहले हमने घर की सभी खिड़कियों को बंद किया और उनके पर्दे लगा दिए.. फिर मैंने दीदी से कहा कि पहले तू अपने कपड़े उतार. तो वो रोने लगी और कहने लगी कि प्लीज़ तुम मेरे साथ ऐसा मत करो.. मुझे ऐसा करते हुए बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा.. लेकिन में उसकी कोई भी बात पर ध्यान नहीं दे रहा था और फिर मैंने सोचा कि क्यों ना में आज इसे चोद दूँ? क्योंकि फिर उसे चोदने का इससे अच्छा मौका मुझे कभी भी नहीं मिलेगा. तो में झट से उसके पास गया और उसकी शर्ट को खींचकर निकाल दिया और वो रोने लगी. फिर मैंने उसकी जींस को भी निकाल दिया और अब वो ठीक मेरे सामने ब्रा और पेंटी में खड़ी हुई थी.. रंडी बहन

मैंने फिर अपने कपड़े उतारे और में उसके सामने पूरा नंगा हो गया और उसके बहुत करीब गया और उसकी चूत का आकार उसकी पेंटी से पूरा साफ साफ दिखाई दे रहा था और उसके बूब्स के निप्पल भी अब उभर रहे थे और मेरा लंड तनकर खड़ा हो चुका था. तो मैंने उसकी पेंटी पर ही अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया और मैंने अपना लंड उसकी चूत पर चिपकाना शुरू कर दिया. फिर सबसे पहले मैंने उसकी ब्रा को उतारा और उसके बूब्स देखकर में तो बिल्कुल पागल सा हो गया और मैंने तुरंत बूब्स को चूसना शुरू कर दिया. में अपनी दीदी के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसता रहा और वो रोती रही.. लेकिन मैंने उसपर थोड़ा भी तरस नहीं खाया और में अपना काम लगातार करता रहा.

फिर मैंने उसकी गांड पर पेंटी के ऊपर से ही अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया.. तो उसने मुझे रोका और कहा कि हमारे बीच यह तय हुआ था कि हम सिर्फ़ एक दूसरे के साथ मुठ मारेंगे.. तो तुम अब अपना लंड मेरी चूत में क्यों डाल रहे हो? तो मैंने कहा कि ठीक है तो तू अपनी पेंटी को उतार और मेरा लंड अपने हाथ में लेकर मुठ मार. फिर उसने धीरे से अपनी पेंटी को उतारा.. वाह क्या चूत थी? मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं था और हम दोनों बेड पर बैठ गये और वो मेरा लंड अपने हाथ में पकड़कर हिलाने लगी.

दोस्तों मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि में अपनी बहन के साथ ऐसे बिल्कुल नंगा बैठकर उसके हाथ से अपनी मुठ मारवाऊंगा और फिर जब वो मेरा लंड हिला रही थी.. तब मैंने उसकी चूत पर उंगली करना शूरु कर दिया. दोस्तों मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन मेरी बहन ने रोने वाला चेहरा बना रखा था. रंडी बहन

मैंने फिर उसके बाल पकड़े और उसका मुहं अपने लंड की तरफ लाया. तो वो बोली कि यह क्या कर रहे हो? हमारी बात तो सिर्फ़ लंड हिलाने की हुई थी? तो मैंने कहा कि अब तुम मेरे लंड को अपने मुहं से हिलाओ.. लेकिन वो बैचारी क्या करती मजबूर थी. फिर उसने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और लंड को चूसने लगी और मैंने उससे अपना लंड बड़े मज़े से चुसवाया.

फिर मैंने उसका सर अपने दोनों हाथों से पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से अपना लंड उसके मुहं में डालता रहा.. वाह क्या मज़ा आ रहा था? फिर मैंने अपना कंट्रोल खो दिया और उसको पकड़कर बेड पर पटक दिया. तो वो एकदम से डर गयी और अब मेरा लंड एकदम जोश में आ चुका था और मेरे लंड को उसकी चूत की ज़रूरत थी और में इतना खुश कभी नहीं था.. मेरी बहन मेरे सामने एकदम नंगी मजबूरी में लेटी हुई थी. रंडी बहन

अब तो मुझे बस उसको चोदना था.. तो में अपना लंड उसकी चूत के पास ले गया.. लेकिन उसने मुझे धक्का मार दिया और वो बोली कि ऐसा मत करो भाई.. प्लीज़ में तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ. हमारे बीच बात तो सिर्फ़ मुठ मारने की हुई थी.. फिर तुम मुझे क्यों चोद रहे हो? तो मैंने उसकी एक ना सुनी और उसके ऊपर गिर पड़ा.. मैंने उसके दोनों पैरों को फैला दिया. उसकी चूत पैर खुलने के बाद और भी मस्त लग रही थी और में बहुत बैताब था अपना लंड उसकी चूत में डालने को. रंडी बहन

तभी उसने कहा कि भाई तुम तो मेरे छोटे भाई हो ना.. प्लीज़ अपनी बहन पर रहम करो.. मुझे मत चोदो. तुम मुझे बाद में चोद लेना.. क्योंकि आज मेरी चूत बहुत दुख रही है.. क्योंकि आज उस वॉचमेन ने मुझे दो घंटे से लगातार चोदा है जिसकी वजह से मेरी चूत तो बुरी तरह से सूज गयी है.. प्लीज़ भाई मुझे मत चोदो. तो मैंने कहा कि मेरा लंड तो अब खड़ा हो चुका है. तुम कुछ भी कहो.. में तो तुम्हे अभी चोदूंगा.. मुझे तुम्हारी चूत के दुखने से क्या? मतलब मुझे तो बस मज़ा करना है और यह बात बोलकर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और वो बहुत ज़ोरो से चीखने, चिल्लाने लगी. रंडी बहन

तो मैंने अपने एक हाथ से उसका मुहं दबा दिया और दूसरे हाथ से उसके जिस्म को सहलाने लगा और नीचे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उसकी चूत में अपना लंड डालने लगा और वो चिल्ला चिल्लाकर रोने लगी अहहआहह आईईईईईईईईईईई प्लीज़ भाई अपनी बहन को ऐसे मत चोद अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मेरे प्यारे छोटे भैया आह्ह्ह उह्ह्ह्ह प्लीज छोड़ दो अपनी बड़ी बहना को. फिर मैंने उसे कम से कम एक घंटे तक चोदा और फिर मेरा वीर्य निकल गया और मैंने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया और मुझे अपनी दीदी को चुदते हुए देखने में मज़ा आ रहा था

फिर मेरी दीदी चुदकर बेड पर एकदम बेहोश पड़ी हुई थी और अचनाक किसी ने घर का दरवाज़ा खटखटाया और जब मैंने दरवाजा खोलकर देखा तो प्लमबर किसी काम से आया हुआ था. तो मैंने सोचा कि क्यों ना और भी मज़ा किया जाए? तो मैंने प्लमबर से बोला कि में बाहर जा रहा हूँ.. लेकिन मेरी दीदी बेडरूम में है. तुम जाकर उनसे काम के बारे में बात करो और में झूठा नाटक करके बाहर चला गया.

फिर जब प्लमबर बेडरूम में गया तो उसने देखा कि मेरी दीदी एकदम नंगी बेड पर लेटी हुई है और इस अच्छे मौके का फायदा उठाकर प्लमबर ने अपना लंड पेंट से बाहर निकाला और दीदी की चूत में घुसा दिया. तो दीदी और ज़ोर से चिल्लाने लगी और फिर में पीछे से आया प्लमबर मुझे देखकर एकदम डर गया.. तो मैंने उससे बोला कि भाई तुम मुझसे बिल्कुल भी घबराओ मत. में तो अकेला इस रांड को चोदते हुए बोर हो रहा था और इसलिए तुम्हें मैंने अंदर भेजा. अब चलो हम दोनों मिलकर मेरी बहन की एक साथ चुदाई करते है.

तो मेरी दीदी यह सब देखकर और भी डर गयी और ज़ोर ज़ोर से रोने लगी.. प्लमबर ने अपना लंड मेरी बहन की चूत में डाला और मैंने अपना लंड दीदी की गांड में डाला और करीब एक घंटे तक दीदी को हम दोनों ने मिलकर चोदा. मेरी बहन की चूत और गांड दोनों ही लाल हो चुकी थी. फिर कुछ देर बाद प्लमबर झड़ गया और कपड़े पहनकर चला गया और फिर थोड़े टाईम बाद मम्मी का फोन आया कि मम्मी आज और कल घर पर नहीं आएगी. मैंने उस दिन दीदी को पूरी रात चोदा.. फिर हम सो गये.. दूसरे दिन सुबह सुबह 4 बजे अचानक मेरी नींद खुल गई. तो में उठा और अपनी बहन को नींद में ही नंगा किया और उसकी गांड में लंड डालने लगा और मैंने दो दिनों तक अपनी बहन को अपनी रंडी बनाकर रख दिया. अब तो में दिन में 2 से 3 बार उसे चोदता हूँ और वो बैचारी चुपचाप मुझसे चुदवा लेती है.. लेकिन अब वो भी मेरी चुदाई से खुश होने गई है और हम दोनों बहुत मज़े करते है. रंडी बहन

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