मौसी की बेटी की कुंवारी चुत - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani मौसी की बेटी की कुंवारी चुत - Incestsexstories.in | Hindi antarvasna sex kahani

मौसी की बेटी की कुंवारी चुत

मौसी की बेटी की :> हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी मेरी मौसी की बेटी और उसकी सहेली की है. मेरी मौसेरी बहन ने खुद अपनी सहेली से मेरी दोस्ती करवायी, हमें मिलने का मौका दिया.

दोस्तो, मेरा नाम सौरभ है.
ये हॉट कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी तब की है, जब मैं ग्रेजुयेशन में था. मैं उस टाइम पटना एनआईटी में पढ़ता था.

मेरे रूम से कुछ दूर मेरी मौसी का घर था. मौसी की बेटी की
मौसी की एक बेटी और 2 बेटे थे. बेटी का नाम प्रिया था. वो मेरी ही उम्र की थी, सो हमारी काफ़ी अच्छी दोस्ती थी.

मैं वीकेंड पर हमेशा मौसी के घर आ जाता था.

एक दिन मैं मौसी के घर गया था.
शाम के टाइम प्रिया छत पर बैठ कर फोन पर बात कर रही थी.

उसके बाद जब वो नीचे आई, तो उसका मूड ऑफ था.
मैंने पूछा तो बोली- ब्वॉयफ्रेंड से टेंशन हो गई है, वो मुझे अकेले में मिलने बुला रहा है … लेकिन मुझे डर लग रहा है.
मैंने समझाया- हां तुम अकेले मिलने मत जाना. लोग कुछ भी कर लेते हैं.

वो बोली- हां भाई, तभी तो टेंशन है.

फिर बातों ही बातों उसने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
मैंने बोला- नहीं.

वो मुस्कुरा कर बोली- चल मैं बनवा देती हूँ.
मैंने पूछा- किससे दोस्ती कराएगी?

वो- मेरे पड़ोस की लड़की से … करेगा!
मैंने हां कर दी.

उसने अपनी सहेली से मेरी सैटिंग करवा दी.

ये कुछ दिन तक चलता रहा.
प्रिया मुझे उससे मिलवा देती और खुद उठ कर चली जाती. मौसी की बेटी की

कुछ दिनों के बाद मैं मौसी के घर गया.

उस दिन वहां कोई नहीं था, सिर्फ़ प्रिया थी और उसका छोटा भाई था.

मैं अन्दर गया तो वो बोली- तुम आज यहीं रुक जाना.
मैंने कहा- आज तो मैं अपने दोस्त के घर जाने की सोच रहा था. मेरी चार दिन की छुट्टी है.

प्रिया ने आंख दबाते हुए कहा- अरे रुक जा यार … मैं तेरी गर्लफ्रेंड को भी रात में बुला लेती हूँ.
मैं मान गया.

रात में खाना खाकर हम सोने आ गए.

प्रिया एक साइड लेट गई.
बीच में मैं और एक साइड मेरी गर्लफ्रेंड.

प्रिया के सो जाने के बाद मैंने गर्लफ्रेंड को किस करना शुरू कर दिया और उसके मम्मों को दबाने लगा.

मैं प्रिया के होने की वजह से ज्यादा कुछ नहीं कर सकता था इसलिए कुछ देर बाद मैं भी सो गया.

अचानक रात में मुझे प्रिया की गर्म सांसों की गर्मी का अहसास हुआ. मौसी की बेटी की

मैंने देखा कि उसका चेहरा मेरे चेहरे से एकदम चिपका हुआ है.

एक मिनट तक तो मैं प्रिया के जिस्म की गर्मी को महसूस करता रहा.
फिर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिए और हल्के से होंठ रगड़ने लगा.

ये अहसास करते ही प्रिया ने मेरा साथ देना शुरू कर दिया और हम दोनों किस करने लगे.

कुछ देर बाद वो साइड में होकर सो गई.
मैं भी सो गया.

सुबह उठा तो कुछ बात नहीं थी, सब नॉर्मल था.

अगली रात को भी वही सब फिर से हुआ.

मैंने उससे अगले दिन सॉरी बोला, तो वो मुस्कुराकर चुप हो गई.

मैं उससे बात करने लगा. वो भी सामान्य हो गई.

अब मैंने उसे चुदाई की नजर से देखना शुरू कर दिया था.
आप भी उसका फिगर समझ लो ताकि आपको भी लंड हिलाने में आसानी हो जाए. मौसी की बेटी की

दोस्तो प्रिया कमाल की लड़की थी. उसका फिगर 34-28-36 का था. बाल एकदम लंबे, कद 5 फुट 8 इंच का था. वो एकदम ऐसी माल थी कि पल भर में लंड खड़ा हो जाए.

मैं अब उसे बस किसी भी तरह से चोदना चाहता था.

हम दोनों अब जब मौका मिला और मन हुआ तो क़िस कर लेते थे.

कुछ दिनों बाद फिर से हम दोनों को अकेले में मिलने का मौका मिल गया.

मैंने उससे कहा- आज मुझे सब करना है.
वो बोली- मगर ये सब गलत है भाई.

मैंने कहा- मानता हूँ कि ये गलत है पर क्या तेरा मन नहीं है?
वो बोली- हां है तो.

मैंने कहा- तुम पूरी दुनिया के सामने मेरी बहन रहोगी … लेकिन प्रिया में तुमसे प्यार करने लगा हूँ और तुमको पाना चाहता हूँ.

उसने कुछ नहीं बोला.

मैंने उसको पकड़ लिया और किस करने लगा.
वो भी मेरे किस में साथ देने लगी.

हम दोनों अपने चूमाचाटी में मस्त होने लगे.
फिर मैंने उसके टॉप को उतार दिया. मौसी की बेटी की

सच में बड़ी मस्त आइटम थी वो … एकदम गोल गोल चुचियां थीं उसकी!

मैं बहन के दूध दबाने और पीने लगा.
प्रिय मदहोश हो गई.

उसने कहा- अभी नहीं … रात में करते हैं.
मैं मान गया और रात का बेसब्री से इंतजार करने लगा.

रात को खा-पी कर हम दोनों बेड पर सोने आ गए.

मैंने प्रिया से कहा- जींस खोल कर लेटो न … ऐसे कैसे नींद आएगी.
वो हंस दी और उसने अपनी जींस उतार दी.

उसकी नंगी टांगें देख कर मेरा मन बेकाबू होने लगा.

वो भी मेरे सामने अपनी पैंटी को अपनी कमर पर एक सी करने लगी.

मैंने कहा- इसे भी उतार दे ना … वैसे भी कुछ ही देर में फर्श पर पड़ी मिलेगी.
वो शर्मा गई और बोली- नहीं अभी नहीं … बाद में तुम ही उतार देना.

मैंने कहा- ओके … चल अब टॉप उतार दे. मौसी की बेटी की
वो फिर से हंसने लगी और बोली- मैंने अन्दर ब्रा नहीं पहनी है.

मैंने कहा- चल ऐसे ही आ जा. मैं उतार दूंगा.
फिर वो बोली- तुमने क्या पहना है?

मैं कम्बल में था.
उसने कम्बल हटा दिया तो मैं सिर्फ एक फ्रेंची में लेटा था.

मेरा लंड फ्रेंची में फूला हुआ था.
उसकी नजरें मेरे लौड़े पर टिक गईं.

मैंने लंड सहला दिया और उससे पूछा- कैसा लगा?
वो बोली- क्या?

मैंने कहा- तेरा आइटम.
वो बोली- मेरा आइटम कि तेरा आइटम?

मैंने लंड का सुपारा चड्डी से दिखाया और कहा- ये लाल टमाटर आज से तेरा हुआ. इसलिए तो कहा कि तेरा आइटम.
वो फिर से हंस पड़ी और मेरे साथ बिस्तर पर आ गई.

मैं और प्रिया बेड पर लेट गए.

उस वक्त दिसंबर का महीना था तो काफी ठंडी थी. हम दोनों एक कंबल में ही घुस गए.
मैंने उसे अपनी बांहों में खींच लिया.

प्रिया- आख़िर तुम मुझे आज ढीला कर ही दोगे! मौसी की बेटी की
मैं- तेरे जैसी हुस्न वाली को किस करके छोड़ देने पर पाप लगता है.

प्रिया हंस कर बोली- तो चलो स्टार्ट करते हैं.
मैंने प्रिया के ऊपर चढ़ कर उसको चूमना और मसलना शुरू कर दिया.

उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ लगा दिए.

फिर जब मैंने उनके कान की लौ को चूमा, तो वो एकदम से सिहरने लगी.
उसे बहुत मज़ा आने लगा था.

मैं उसे चूमते हुए नीचे आ गया और उसकी चिकनी जांघों को चूमने लगा.
उसकी दोनों जांघों को चूमते चूमते मैंने प्रिया की पैंटी के ऊपर से ही उसकी चुत पर मुँह लगाया और उसकी पूरी फूली हुई चुत को अपने दांतों से दबा दिया.

वो मादक सीत्कारें भरने लगी.

कुछ देर बाद उसने मेरे बाल पकड़ कर अपने ऊपर खींचा तो मैंने उसके टॉप को ऊपर कर दिया और उसके मम्मों को आज़ाद कर दिया.

आंह क्या पिंक निप्पल थे!
मैंने एक निप्पल को जीभ से चाटना शुरू कर दिया और दूसरे दूध को हाथ से मसलना शुरू कर दिया.

वो मस्त होने लगी और बोली- मेरे दूध चूस लो. मौसी की बेटी की

मैंने एक चुचि को मसलना और दूसरी को अपने पूरे मुँह से पीना शुरू कर दिया.

वो मेरे सर को अपने दूध पर दबाती हुई सिसकारने लगी- आंह चूस लो आंह भाई … बड़ा मजा आ रहा है.

मैं दांत से निप्पल को पकड़ कर खींचने लगा तो वो कराह उठी.

प्रिया- आह भाई ये क्या कर रहा है … मेरे ये निप्पल इतने टाइट क्यों हो गए … आह और जोर से खींच ले ना … पी ले भैनचोद.

प्रिया अब गाली देती हुई मेरे मुँह में निप्पल देने लगी थी.

मैंने उसके दोनों चुचों को दबाना और पीना जारी रखा.

वो अपने हाथ से अपने निप्पल को पकड़ कर मुझे चुसा रही थी.
उसे इस वक्त ऐसा लग रहा था कि कोई मां अपने बच्चे को दूध पिला रही हो.

वो मेरे सर पर हाथ फेरती हुई मुझे पुचकार रही थी और सिसकार रही थी- ओले मेले बेते … भुक्कू लगी है ना … आह पी ले मेरे लाल.

मुझे भी उसकी चूची दबा दबा कर पीने में मजा आ रहा था.
कुछ ही समय में मैंने प्रिया के दोनों थन चूस चूस कर लाल कर दिए.

कुछ देर बाद जब मेरा मन अपनी बहन के दूध पीने से भर गया तो मैंने उसकी पैंटी उतार कर उसको नंगी कर दिया.

वो मेरी तरफ वासना से देखने लगी.
मैंने कहा- अब तू मुझे भी नंगा कर दे.

उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया. मौसी की बेटी की
मैं उसके बाजू में आ गया और उसकी बगलों को चाटने लगा.

उसकी बगलों से मस्त महक आ रही थी. मैंने उसकी बगलों को चाटा, तो वो एकदम से गर्मा उठी और हंसने लगी.

उसे गुदगुदी हो रही थी.

मैंने पूछा- क्या हुआ जान तू हंस क्यों रही है?
वो बोली- तू मेरी बगलों को चाट रहा है न … इसलिए गुदगुदी हो रही है.

मैंने कहा- तेरी बगलों में से बड़ी मस्त महक आ रही है … क्या लगाती है?
वो बोली- आज ही ट्राई किया … नया फूड क्वालिटी वाला डियो है.

मैंने कहा- ये फ़ूड क्वालिटी क्या होती है?
वो बोली- ये मर्दों से अपनी कांख चटवाने के लिए ही लगाया जाता है.

मैं समझ गया कि इसकी कांख में से जो महक आ रही है उसे चाटने में कोई हर्ज नहीं है.

फिर वो बोली- अब देर मत कर … मेरी फाड़ दे.
मैंने चुटकी ली- पहले क्या फाड़ना है … आगे से या पीछे से शुरू करूँ?

वो हंस दी और बोली- साले हरामी … पहले आगे की तो फाड़ ले, फिर बाद में कुछ और बात करना.
मैंने कहा- चल पीछे की बाद में फाड़ लूंगा.

वो हंस दी.

मैं उसकी चुत पर लंड सैट करके चुदाई की तैयारी करने लगा. मौसी की बेटी की

मैंने लंड को चुत की फांकों पर घिसा और उसकी आंखों में देखा तो उसने नशीली आंखों से अन्दर पेलने का इशारा कर दिया.

मैं उसके दोनों चुचे दबाते हुए किस करने लगा.
वो नीचे से अपनी गांड उठा कर लंड चुत में लेने को उतावली दिख रही थी.

प्रिया- भाई जल्दी पेल ना … मुझे कुछ हो रहा है. मैं तुमको आज पूरा खा जाना चाहती हूँ.
मैं बोला- तो रोका किसने है. अन्दर ले ले ना.

वो बोली- तो पेल ना भोसड़ी के … देर तो तू ही कर रहा है.
मैंने कहा- तेरी चुत कसी हुई है … यदि एकदम से पेल दिया ना … तो तेरी चुत में बहुत दर्द होगा.

वो बोली- होने दे … तू बस पेल दे, अब रहा नहीं जाता.
मैंने कहा- पक्का ना … बाद में मत कहना कि मैंने कहा नहीं.

वो बोली- तू पेल ना साले …
मैंने जैसे ही अपने लंड के सुपारे को चुत में दबाया तो उसकी मां चुद गई.

प्रिया- आह बहुत दर्द हो रहा है … निकाल ले.

मैं समझ गया कि इसको अभी और गर्म करना पड़ेगा.

मैंने कहा- मैंने कहा था न कि अभी तेरी बुर टाईट है … इसे पहले ढीला करना पड़ेगा.
प्रिया- मुझे नहीं मालूम था कि इतना दर्द होता है.

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