मैडम को चोदकर लंड की प्यास बुझाई–1 - Incestsexstories.in | Hindi Antarvasna sex kahani मैडम को चोदकर लंड की प्यास बुझाई–1 - Incestsexstories.in | Hindi Antarvasna sex kahani

मैडम को चोदकर लंड की प्यास बुझाई–1

मैडम को चोदकर लंड :> ये कहानी तब की है जब में कक्षा 12 वीं में पढ़ता था। उस समय मै लगभग 19 साल का था।मेरी छाती और लंड के आसपास अच्छी तरह से काली घनी झांटे उग चुकी थी।उस समय मेरा लन्ड अच्छी तरह से फूलकर मोटा हो चुका था। जब मै कक्षा 11 वीं में पढ़ता था तभी से मै मेरे घर के आस पास रहने वाली भाभियों और आंटियों को चोदने के लिए ताड़ने लग गया था।उस समय मै भाभियों और आंटियों के बड़े बड़े चूचे और मस्त गांड़ को देखकर एकाएक ही उनकी तरफ आकर्षित हो जाता था।जहां कहीं भी मै अच्छी सी आंटी या भाभी को देख लेता था तो मेरा लन्ड तनकर खड़ा हो जाता था और मुझे चूत चोदने की भरसक इच्छा होती थी।फिर लंड को मसलकर पानी निकालकर मुझे मेरा काम चलना पड़ता था। खैर अब मैं आंटियों और भाभियों की उछलती कूदती हुई जवानी को देखकर कक्षा 12 वी में पहुंच चुका था। हमारे स्कूल में आधे से ज्यादा स्टाफ लेडीज था क्योंकि हमारी प्रिंसिपल मेम लेडी थी इसलिए वो अधिकतर टीचर लेडीज को ही रखती थी।स्कूल में सभी एक से बढ़कर मस्त मैडम थी। उन मैडम को देखकर मेरा लन्ड स्कूल टाइम में हमेशा उछल कूद करता रहता था।फिर मुझे बाथरूम में जाकर शांत होना पड़ता था। 

मैडम को चोदकर लंड

                      इन सभी मैडम में मुझे कल्पना मैडम बहुत ज्यादा अच्छी लगती थी।कल्पना मैडम लगभग 35 साल की हॉट एंड सेक्सी फिगर वाली मैडम थी।कल्पना मैडम के चूचे 32 साईज के थे। मैं उनके रसीले चूचों को देखकर हमेशा लंड मसल लेता था। उनकी गौरी चिकनी कमर 30 की और गांड़ लगभग 32 साइज की है। जब वो चलती है तो उनकी बहुत ज्यादा हिलती है।उनकी गांड़ की हलचल को देखकर मेरा लन्ड बेकाबू हो जाता था और कई बार तो मुझे अंडरवियर में ही झड़ना पड़ता था।कल्पना मैडम एकदम गोरी चिट्ठी मक्खन जैसी माल है।उनके छरहरे चेहरे पर गुलाबी होंठ उन्हें बहुत ज्यादा सेक्सी बनाते थे। वो हमे इंग्लिश पढ़ाती थी।जब वो हमारी क्लास में आती थी तो सभी लड़के उनके सेक्सी फिगर को ताड़ते रहते थे और फिर बाथरूम में जाकर लंड हिला हिलाकर खुद को शांत करते थे। कल्पना मैडम को देख देखकर मुझे उनको चोदने की बहुत ज्यादा इच्छा होने लगी थी। मैं सोचने लगता था काश अगर कल्पना मैडम एकबार मेरे लन्ड के नीचे आ जाए तो मै इनकी गुलाबी चूत को पूरा कस डालूंगा। मैं उन्हें देख देखकर आहे भरता रहता था। अब मैं धीरे धीरे कल्पना मैडम को चोदने के लिए उन पर डोरे डालने लगा।जब वो मेरी टेबल पर कॉपी चेक करने आती तो मैं जानबूझकर उनके गौरे गौरे कोमल हाथो को टच करने की कोशिश करता।लेकिन इतनी कोशिश करते हुए भी मुझसे कुछ नहीं हो पा रहा था।  इधर कल्पना मैडम के चूचों की मनमोहक झांकियां मुझे बार बार लंड मसलने पर मजबुर कर रही थी। मैं कई बार कल्पना मैडम के नाम की मुत्थ मार चुका था।रात रातभर कल्पना मैडम को चोदने के सपने देखता था। धीरे धीरे टाइम निकालता जा रहा था लेकिन कल्पना मैडम के मेरे लन्ड के नीचे आने के मुझे कोई आसार नजर नहीं आ रहे थे।  खैर अब अगस्त में हमारी एक्स्ट्रा क्लास शुरू हुई।प्रिंसिपल मैडम ने हमें ऑफर दिया कि जो बच्चे इंग्लिश में कमजोर है वो बच्चे स्कूल टाइम के बाद एक्स्ट्रा क्लास में बैठ सकते है।एक्स्ट्रा क्लास कल्पना मैडम पढ़ाएगी। अब एक्स्ट्रा क्लास शुरू हुई। एक्स्ट्रा क्लास में सिर्फ 7,8 ही स्टूडेंट थे जिनमें सिर्फ हम दो तीन ही लड़के थे बाकी सभी लड़कियां थी। अब स्कूल की छुट्टी होने के बाद रोजाना एक्स्ट्रा क्लास होने लगी। अब मैं एक्स्ट्रा क्लास में कल्पना मैडम को ताड़ने लगा।मेरा पूरा ध्यान कल्पना मैडम के सेक्सी जिस्म पर ही टिका रहता था। मैं उनके हर एक मूवमेंट को नोटिस कर रहा था। जब वो बोर्ड पर लिखती थी तो मेरी नजर उनकी मस्तानी गांड और बैकलेस ब्लाउज पर टिकी होती थी। तभी एक दिन मैडम ने मुझे उन्हें ताड़ते हुए पकड़ लिया। मेरी गांड़ फट गई और मेरा लन्ड एकदम से भीगी बिल्ली बन गया।तभी मैडम ने डांटकर पूछामैडम– ध्यान कहां है तुम्हारा?मैं– जी मैडम बोर्ड पर।मैडम– बता अभी मैंने क्या बताया?मैं सकपका गया। मैं मैडम के प्रश्न का कोई जवाब नहीं दे पाया।मैडम– ध्यान से पढ़ाई कर।पहले से ही इंग्लिश में कमजोर हो।मैं– जी मेम।फिर एक दो दिन मै ऐसे ही चुप रहा लेकिन मेरा लन्ड कहां मानने वाला था।वो तो कल्पना मैडम को देख देखकर फिर से हिचकोले खाने लगा। मैंने उन्हें फिर से ताड़ना शुरू कर दिया। मैडम ने मुझे फिर से उन्हें ताड़ते हुए पकड़ लिया।लेकिन इस बार उन्होंने शर्म के मारे ज्यादा कुछ नहीं कहा। अब मेरी हिम्मत बढ़ने लगी। अब मैं रोजाना कल्पना मैडम को एक्स्ट्रा क्लास में घुर घुरकर देखने लगा। अब मैडम भी मेरी हवस भरी नजरो को पढ़ने लगी। अब जब वो कोई टॉपिक मुझे मेरी टेबल पर समझाने  लगती तो मैं उन्हें छूने की कोशिश करता। मैडम मेरे इरादे धीरे धीरे भांप रही थी।    मैडम को चोदकर लंड   एक दिन जब एक्स्ट्रा क्लास छूटने के बाद हम सभी स्टूडेंट्स घर जाने लगे तो कल्पना मैडम ने मुझे क्लास में रोक लिया।मैडम– रोहित तू थोड़ी देर रुक जा।तुझसे कुछ बात करनी है।मैडम की बात सुनकर मेरी हवा टाइट होने लगी।पता नहीं मैडम क्या कहेगी।लेकिन फिर मैंने सोचा,अब मैडम जो भी कहेगी तो सुन लूंगा।फिर सभी स्टूडेंट्स के निकलने के बाद मैडम कहने लगी– देख रोहित,ये जो तू रोजाना मुझे ताड़ता है ना,उसे बंद कर दे।नहीं तो मै तेरी शिकायत प्रिंसिपल मेम से कर दूंगी।मैडम की बात सुनकर मै बहुत ज्यादा डर गया।मैं– सॉरी मैडम,आगे से ऐसी हरकते नहीं करूंगा।मैडम– हां यही सही रहेगा।मैं– लेकिन मैडम एक बात कहूं?मैडम– हां, कहो।मैं– मुझे आप बहुत ज्यादा हॉट एंड सेक्सी लगती हो। पूरी ऊपर से लेकर नीचे तक।मेरी बात सुनकर मैडम के चेहरे की हवाइयां उड़ गई।वो मेरी बात सुनकर भौचक्की रह गई।मैडम– ये तू क्या कह रहा है?मैं– वहीं कह रहा हूं मेम जो आप सुन रही हो।मैडम– पागल हो गया क्या तू,मै तेरी टीचर हूं।मैं– आप टीचर हुई तो क्या हुआ,आप सबसे पहले चूत हो और मै एक लंड।मेरे मुंह से चूत और लंड की बात सुनकर मैडम के चेहरे का रंग फिका पड़ गया।उनसे कुछ नहीं बोला गया।मैडम– तू मेरे बारे में ऐसे कैसे सोच सकता है,तुझे शर्म नहीं आ रही है,मुझसे ये सब बाते कहने में।मैं– शर्म किस बात की मेम,कोई चोरी थोड़े ही कर रहा हूं मै। जो सच है वो ही आपको बता रहा हूं।मैडम– अगर मै तेरी ये सारी बाते प्रिंसिपल मेम को बता दूंगी तो इस स्कूल से बाहर भी निकल सकता है।मैं– नहीं मेम प्लीज ये सारी बाते प्रिंसिपल  मेम को मत बताना।नहीं तो मेरा कैरियर खराब हो जाएगा।मैडम– ठीक है मै नहीं बताऊंगी,लेकिन तू तेरी हरकते बंद कर दे।मैं– मैडम मेरी हरकते तो तभी बंद होगी जब आप मेरे लन्ड को चूत दोगी।चूत देने की बात सुनते ही मैडम सकपका गई। उनका चेहरा लाल हो गया।मैडम– तेरी हरकतों को सुधार लेे नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।अभी तो मैं तुझे छोड़ रही हूं।चल जा अब।अब मैं लंड मसलता हुआ घर आ गया। मैं रात भर कल्पना मैडम के खयालों में जागता रहा।कल सुबह जब कल्पना मैडम का हमारी क्लास में पीरियड आया तो कल्पना मैडम मुझसे नज़रे नहीं मिला रही थीं।आज उनका मूड पूरी तरह से बदला हुआ लग रहा था। अब स्कूल टाइम के बाद एक्स्ट्रा क्लास शुरू हुई।आज मै खाली क्लासरूम में सबसे पीछे अकेला बैठ गया। अब कल्पना मैडम हमें पढ़ाने लगी। मैं फिर से उन्हें ताड़ने लगा। आज वो बैकलेस ब्लाउज पहनकर नहीं आई थी।फिर मैडम सबका वर्क चेक करने लगी।तभी मैंने मौका देखकर लंड बाहर निकाल लिया। अब जैसे ही मैडम मेरे पास वर्क चेक करने के लिए आई तो मैंने उन्हें मेरे खड़े हुए लंड के दर्शन करा दिए। मेरे लन्ड को देखते हुए मैडम भौचक्की रह गई।एकपल के लिए तो मैडम की नजरे मेरे लन्ड पर टिक गई।फिर वो होश में आकर मेरा वर्क चेक करने लगी।    मैडम को चोदकर लंड                      अब मैंने सोचा यही सही मौका है मैडम को पटाने का।सभी स्टूडेंट्स अपने वर्क में बिजी थे।तभी मैंने मैडम का हाथ पकड़ा और उन्हें मेरा लन्ड मैडम को पकड़ा दिया।मैडम धीरे से बोली– ये क्या कर रहा है।पागल हो गया क्या तू।मैं– हां मैडम आपके सेक्सी  जिस्म ने मुझे पागल कर दिया है।मैडम–प्रिंसिपल मेम को बुलाऊं क्या?मैं–तो बुला लो ना। मैं प्रिंसिपल मेम से डरता नहीं हूं।अब मेरी बात सुनकर कल्पना मैडम ठंडी पड़ गई।फिर वो हाथ छुड़ाकर चली गई और हमे पढ़ाने लगी।उनके चेहरे के हाव भाव से ऐसा लग रहा था कि मैडम के ऊपर मेरे लन्ड का नशा चढ चुका था।उनकी चूत में हलचल होने सी लग गई थी।तभी मैडम टॉयलेट करने चली है। मैं समझ चुका था मैडम की चूत पानी पानी हो चुकी है।                  अब क्लास ख़तम होने के बाद मैडम ने  आज मुझे फिर से रोक लिया। अब मैंने सोच लिया था कि आज तो मैडम को पस्त करके ही रहूंगा।जैसे ही सभी स्टूडेंट्स बाहर निकले तो मैडम मुझसे कुछ कहने वाली थी उससे पहले ही मैंने कल्पना मैडम को बाहों में कस लिया और उनके गुलाबी रसीले होठों पर टूट पड़ा। मैं जल्दी जल्दी मैडम के होंठो को पीने लगा।मैडम मुझे हटाने की कोशिश करने लगी लेकिन वो इतना ज़ोर नहीं लगा पा रही थी कि जैसे मै दूर हट जाऊ। मैं पूरे जोश में आकर मैडम के होंठो को खाने लगा। मैंने मैडम की पूरी लिपस्टिक चूस डाली। पूरे क्लासरूम में होंठो को चूसने की आवाज़ गूंजने लगी।पूरा क्लासरूम पुच्छ पुच्छ पुच्छ पुच्छ पुच्छ की आवाज़ से गूंज उठा। तभी मैंने फटाफट मैडम के पेटीकोट में हाथ डालकर उनकी चूत में उंगली घुसा दी।मैडम की चूत बहुत ज्यादा गर्म और गीली हो रही थी। अब मै होंठो को चूसते हुए मैडम की चूत में उंगली किए जा रहा था।मैडम मेरे हाथ को पेटीकोट में से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी।तभी प्रिंसिपल मेम की आवाज़ आई– कल्पना मैडम प्लीज यहां आना। मैडम को चोदकर लंड                        अब कल्पना मैडम ने मुझे ज़ोर से धक्का देकर हटा दिया और खुद को ठीक करके,लिपस्टिक पोछकर प्रिंसिपल मेम के पास पहुंच गई। अब मेरी गांड़ फटने लगी अगर कल्पना मैडम ने प्रिंसिपल मेम को सब कुछ बता दिया तो।तभी मै तुंरत पीछे से मेरे होंठो पर लगी लिपस्टिक को साफ कर, बुक लेकर पहुंच गया– मेम ये समझ में नहीं आ रहा है?प्रिंसिपल मेम– थोड़ी देर रुक,कल्पना मैडम वहीं आ रही है।अब मैं भी प्रिंसिपल मेम के रूम के बाहर ही खड़ा रहा।प्रिंसिपल मेम कल्पना मैडम को कुछ बताने लगी।फिर थोड़ी देर बाद कल्पना  मैडम आई तब जाकर मेरी जान में जान आई। वो कुछ नहीं बोल पा रही थी। अब मेरा डर पूरी तरह से गायब हो चुका था। मैं समझ चुका था कि अब कल्पना मैडम मेरा लन्ड चूत में ठुकवाने के लिए तैयार है।तभी मैंने कल्पना मैडम को फिर से बाहों में कस लिया और उनके होंठो की बची हुई लिपस्टिक को चूस डाला। अब मैंने मैडम के साडी के पल्लू को तुरंत नीचे गिर दिया और उनके मस्त मुलायम बड़े बड़े बूब्स को मसलने लगा।मैडम मेरे हाथो को पकड़ने लगी लेकिन अब तो मैडम भी समझ चुकी थी कि अब नाटक करने से कोई फायदा नहीं फिर भी मैडम विरोध करने की कोशिश कर रही थी। मैं जल्दी जल्दी मैडम के सेक्सी जिस्म को मसलने लगा।मुझे मैडम के जिस्म को सहलाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।धीरे धीरे मैडम ने हथियार डाल दिए। अब मैं मैडम को अच्छी तरह से रौंदने लगा। अब तक मैडम बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी।वो तेज़ तेज सांसें लेने लगी। तभी मै हाथ पीछे ले जाकर मैडम के ब्लाऊज के हुक को खोलने लगा।तो मैडम ने ब्लाउज्ज नहीं खोलने दिया। लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था।मैंने दो पल में ही मैडम के ब्लाउज के हुक खोलकर ढीला कर दिया। अब मैंने ब्लाउज को मैडम के कंधो से नीचे उतार दिया और फिर ब्रा को भी पीछे से खोलकर ढीला कर दिया। अब मैं मैडम के बड़े बड़े मुलायम बूब्स पर टूट पड़ा और मैडम के नंगे मस्त बूब्स को पीने लगा।मैडम तेज़ तेज सिसकारियां भरती हुई पागल सी होने लगी। मैं पागल कुत्ते की तरह मैडम के बूब्स चूसने लगा। अब मैडम ने मुझे बाहों में कस लिया। इधर मेरा लन्ड मैडम की चूत में घुसने के लिए उतावला होने लगा। मैडम को चोदकर लंड          तभी कल्पना मैडम होश में आई और उन्होंने ज़ोर से धक्का लगाकर मुझे उनसे दूर कर दिया।मैंने फिर से मैडम को मेरी बाहों में दबोच लिया। कल्पना मैडम  ने कहा– रोहित, प्रिंसिपल मेम आ जाएगी।मैं–मेम आज तो मै आपको चोदे बिना घर नहीं जाने दूंगा।मैडम– प्लीज अभी यहां मत कर।तभी मैंने मैडम के शानदार बूब्स को कसकर डाला।मैडम धीरे से चीख पड़ी।मैं– तो फिर बताओ ना मैडम आपको कहां चोदु?मैडम– चल पहले यहां से चलते है।तभी मैंने मैडम की चूत को उंगली डालकर कुरेद डाला।अब मैडम ने ब्रा और ब्लाउज के हुक लगाए और  साड़ी का पल्लू ठीक किया और बेग उठा लिया। अब मैंने मैडम को बाइक पर बैठा लिया और हम चुदाई का कार्यक्रम करने के लिए चल पड़े।मैं– बताओ मैडम कहां चल चलना है?मैडम– घर पर चलने दे।मैं– ठीक है मैडम।मेरा लन्ड मैडम की चूत में उतरने के लिए ज़ोर ज़ोर से हिल रहा था। मैं घर पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।इधर कल्पना मैडम भी चुदाने के लिए तड़प रही थी।दोनो तरफ बराबर आग लगी हुई थी।फिर थोड़ी देर बाद हम मैडम के घर पर पहुंचे।मैडम के घर उनकी 15 साल की लड़की और 12 साल का लड़का था। अब मैंने मैडम से पूछा– मेम बच्चे तो यहां है फिर हमारा काम कैसे हो पाएगा?मैडम– अभी ये थोड़ी देर बाद मैथस की ट्यूशन जाने वाले है। अब मैं लंड पकड़कर मसलता रहा।फिर मैडम ने चाय बनाकर मुझे पिलाई।फिर थोड़ी देर बाद मेम ने बच्चो को ट्यूशन पर भेज दिया। अब मेम की चुदाई का रास्ता साफ हो चुका था।कहानी जारी है……..मैडम को चोदकर लंड

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